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आईआईटी में नए बिजनेस आइडिया को आज मिलेंगे इनवेस्टर

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मंडी। आईआईटी मंडी के कैटलिस्ट के प्रथम चरण टेक्नोलॉजी बिजनेस इंबीक्यूटर (टीबीआई) के वार्षिक फ्लैगशिप इवेंट हिमालयन स्टार्टअप ट्रैक 2018 का आयोजन 28 से 29 अप्रैल को हो रहा है। इस इवेंट के आयोजन का लक्ष्य स्टार्टअप करने वाले और इनवेस्टर को एक मंच पर लाना है। इस इवेंट में नए बिजनेस आइडिया के मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा। जिसमें हिमाचल और हिमाचल के बाहर के प्रशिक्षु इंजीनियर भाग लेंगे। गत दो सालों में टीबीआई में 15 से 20 बिजनेस आइडिया को लिया गया है। इन बिजनेस आइडिया में से अभी तक नौ स्टार्टअप के तौर पर चलाया जा रहा है। जिसमें द सोलर लैब, ट्रेवल मैनेजमेंट, फोर प्ले, ईमिटो, यूजीफ्रेश, आईसेफ इलेक्ट्रानिक्स, आई लॉइट्स और स्किल टू स्किल प्रोजेक्ट चल रहे हैं। आईआईटी मंडी के निदेशक टिमोथी ए गोंजाविल्स ने कहा कि संस्थान गत दो सालों में टीबीआई के माध्यम से युवाओं के बिजनेस आइडिया को विकसित करने के मंच प्रदान कर रहा है। इससे युवा कंपनी बनाकर अपने बिजनेस आइडिया को डेवलप कर रहे हैं। तीन स्टार्टअप को यहां पर सफलता पूर्वक संचालित कर लिया गया है। जल्द ही इन प्रोडक्ट का उत्पादन भी शुरू कर दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। टीबीआई के वार्षिक इवेंट से भी युवाओं के बिजनेस आइडिया को सीधे इनवेस्टर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा मॉडल प्रस्तुत किए जाएंगे।
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10 प्रोजेक्टों पर यूएसए और आईआईटी मंडी के प्रशिक्षु इंजीनियर कर रहे काम
आईआईटी में इंटररेक्टिव सोशियो टेक्नीकल प्रैक्टिकम (आईएसटीपी) के तहत यूएसए और आईआईटी मंडी के प्रशिक्षु इंजीनियरों ने दस प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। आईएसटीपी के तहत यूएसए के 22 और आईआईटी मंडी के 38 स्टूडेंट कार्य कर रहे हैं। 10 प्रोजेक्ट को बनाने से पहले इन स्टूडेंट की विभिन्न टीमों ने हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सर्वे किया है। इसके बाद यहां की जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों को देखकर प्रोडक्ट तैयार किए हैं। इन 10 प्रोजेक्ट में छोटे हाइड्रो सिस्टम, सोलर वाटर प्यूरीफायर, ऑनसाइट ट्रीटमेंट ऑफ आर्गेनिक वेस्ट, ई वेस्ट मैनेजमेंट शामिल है।

हर घर में तैयार होगी बिजली, सूर्य की रोशनी से शुद्ध होगा पानी
माइक्रो हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट को भी प्रशिक्षुओं ने तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट से एक घर के लिए बिजली तैयार की जा सकती है। यह प्रोजेक्ट 10 हजार की लागत से नीचे ही होगा। जिससे एक घर के लिए बिजली तैयार हो सकेगी। इस प्रोजेक्ट को छोटे नदी नालों में लगाया जा सकता है। वहीं, सूर्य की रोशनी से भी अब पानी शुद्ध हो सकेगा। इसके लिए प्रशिक्षु इंजीनियरों ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। सोलर वाटर प्यूरीफायर से बेहद कम लागत में पानी शुद्ध हो सकेगा। यह दोनों ही प्रोजेक्ट यदि सफल हुए तो हिमाचल में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।
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