अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। छोटी काशी के विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को लेकर प्रशासन और मेला कमेटी की बैठक में हां और न की गहमागहमी के बीच पड्डल मैदान में ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों की मुहर लगी। स्थानीय लोगों का एक समूह सेरी मंच पर मेला करवाने की वकालत करता रहा, लेकिन सुरक्षा प्रबंधों का हवाला लेकर इन संध्याओं को पड्डल में करवाने का निर्यण लिया गया। बैठक एसपी कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई। मीटिंग की अध्यक्षता स्थानीय विधायक एवं ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने की। डीसी ऋग्वेद और एसपी अशोक कुमार समेत विभिन्न अधिकारी, व्यापारियों और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक शुरू होते ही आयोजन स्थल पर चर्चा हुई। बैठक में महोत्सव को किस स्थान पर करवाया जाए, इस पर खुली चर्चा में मेला स्थल को लेकर भारी हंगामा हुआ। कुछ लोग इस मेले को सेरी मंच और चौहाटा में करवाने पर अड़े रहे तो कुछ लोग इसे पड्डल में ही करवाने की मांग करते रहे। इस मुद्दे पर कई सदस्य आपस में बहस करते भी दिखाई दिए। बाद में उपायुक्त एवं एसपी ने मोर्चा संभालते हुए माहौल को शांत किया।
मंत्री बोले, इस बार पड्डल अगली बार सोचेंगे
मंत्री अनिल शर्मा ने आयोजन स्थान को फाइनल करते हुए पड्डल में ही मेले का आयोजन करवाने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस बार चुनावों के कारण समय कम होने के चलते इस महोत्सव को पड्डल में ही करवाया जाएगा। अगले साल स्थान परिवर्तन के बारे में विचार किया जाएगा। इसके बाद बैठक में सांस्कृतिक संध्याओं को सेरी मंच पर करवाने के लिए सभी ने एक सुर में मांग उठाई लेकिन शहरवासियों की इस मांग पर भी प्रशासन ने सुरक्षा प्रबंधों का हवाला देकर इन संध्याओं को पड्डल में करवाने का निर्णय लिया गया।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगी तरजीह
मंत्री ने सभी विभागों से मेले के दौरान किए जाने वाले प्रबंधों की जानकारी ली और इन पर जनता ने भी सुझाव दिए। जनता ने शहर को इस मौके पर दुल्हन की तरह सजाने, जाम की समस्या से निपटने, स्थानीय कलाकारों को अधिक मौका देने और व्यर्थ खर्चे को कम करने के सुझाव दिए। मंत्री ने सभी के सुझावों को ध्यान पूर्वक सुनते हुए सभी को उचित प्रबंध होने का विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि इस बार यहां पर अधिक से अधिक लोकल कलाकारों को ही मौका दिया जाएगा।
पानी और ट्रैफिक प्लान हो बेहतर
विशेष तौर पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था संबंधित विभाग सुनिश्चित करें। उन्होंने मेले के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से रखने के लिए यातायात प्लान तैयार किए जाने के संबंधित विभाग को निर्देश दिए। उपायुक्त एवं अध्यक्ष शिवरात्रि मेला आयोजन समिति ऋग्वेद ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए कहा कि मेले के सफल आयोजन के लिए सभी प्रबंध किए जा रहे हैं।
देव सदन नहीं बनेगा ऑडिटोरियम : अनिल
सर्वदेवता कमेटी के प्रधान पंडित शिवपाल शर्मा ने मंत्री से इस दौरान देव सदन निर्माण के बारे में पूछा। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार देव सदन के स्थान पर देवताओं के लिए एक ऑडिटोरियम के निर्माण के बार में विचार कर रही है। इस पर देव समाज के साथ भविष्य में बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि महोत्सव में देवतागण ही इसकी शोभा होते हैं और इनके आतिथ्य सत्कार से लेकर उनके ठहरने इत्यादि की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। देवताओं को मान-सम्मान देते हुए उनके यात्रा भत्ता तथा बजंतरियों का भत्ता बढ़ाए जाने पर विचार किया जाएगा।
इंदिरा मार्केट की छत पर सजेगा सरस मेला : डीसी
मेले के अवसर पर ग्रामीण दस्तकारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदिरा मार्केट परिसर की छत पर सरस मेले का आयोजन भी किया जा रहा जा रहा है। इसमें विभिन्न राज्यों से दस्तकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे। इसमें सभी विभाग, निगम तथा बोर्ड अपनी उपलब्धियों तथा नवीनतम जानकारियों से संबंधित प्रदर्शनी लगाएं, ताकि मेले में आए लोगों को सरकार की ओर से उन्हें प्रदान की जा रही सुविधाओं और कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि मेले के उपलक्ष्य में एक स्मारिका का भी प्रकाशन किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मेले पर सियासत शुरू, तय आयोजन स्थल विवादों में
15 से 21 फरवरी तक चलेगा महोत्सव
सेरी चाणनी सुरक्षा के लिहाज से बेहतर
त्रिपुरारी सांख्यान
मंडी। अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर सियासत शुरू हो गई है। पड्डल मैदान में तय आयोजन स्थल पर विवाद गहराने लगा है। प्रशासन और मेला समिति से फैसले पर पुर्नविचार करने का दबाव बनाने के लिए संस्थाएं सामने आने लगी है। यहां तक कि सीएम को भी मांगपत्र भेजा जा रहा है। इसमें सदियों पुरानी परंपरा का हवाला देकर सेरी मंच में ही आयोजन करने की वकालत लोग कर रहे हैं। इस वर्ष शिवरात्रि महोत्सव 15 से 21 फरवरी तक मनाया जा रहा है। इसका आयोजन ऐतिहासिक पड्डल मैदान में आयोजित किया जा रहा है। 15 फरवरी को मेले का उद्घाटन तथा प्रथम जलेब निकाली जाएगी । मेले की मध्य जलेब 18 फरवरी, जबकि अंतिम जलेब मेले के समापन वाले दिन 21 फरवरी को निकाली जाएगी। सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन 15 से 20 फरवरी तक किया जाएगा। उधर, नागरिक अधिकार मंच की ओर से शिवरात्रि मेला की सांस्कृतिक संध्याओं को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को उपायुक्त के माध्यम से पत्र भेजा गया। इसमें मंच ने सीएम से शिवरात्रि महोत्सव के दौरान होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सेरी मंच पर करवाए जाने के पक्ष में अपनी राय जाहिर की। उन्होंने सीएम से प्रशासन के इस फैसले को बदलने पर विचार करने का अनुरोध किया है। पत्र में कहा गया है कि सेरी मंच पर कार्यक्रम आयोजित करने से जहां सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन होगा, वहीं आम जनता की आस्था, जन भावना, सुविधाओं तथा सुरक्षा की भी अनदेखी नहीं होगी। इसी बहाने सेरी मंच सहित सेरी चानणी परिसर की देखभाल तथा रख-रखाव हर साल होता रहता है। सेरी मंच शहर के एकदम मध्य भाग में स्थित होने के कारण लोगों को शहर के किसी भी कोने से यहां पहुंचने में आसानी रहती है। सेरी चानणी मंच का क्षेत्र चारों तरफ से खुला होने के कारण यह परिसर किसी भी अनहोनी घटना होने की स्थिति में सुरक्षित है। पड्डल मैदान में लगाए जाने वाले मंच तथा बैठने की व्यवस्था करने में व्यर्थ खर्च होने वाले धन की बचत होगी तथा इस धन को जन सुविधाओं में खर्च किया जा सकेगा। बारिश होने की स्थिति में सेरी मंच पर कार्यक्रम थोड़े समय के बाद फिर से करना संभव होता है, जबकि पड्डल मैदान में बारिश के चलते कीचड़ की वजह से दल-दल जैसे हालात बन जाते हैं। यदि कार्यक्रम सेरी मंच पर करवाएं जाएं तो पड्डल मैदान के 60 प्रतिशत महत्वपूर्ण भाग को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है।