धर्मशाला। स्मार्ट सिटी के नाम पर धर्मशाला में यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस बस शेल्टर देने के सपने दिखाए गए थे। दावा किया गया था कि शहर में बनने वाले इंटेलिजेंट एंड बैरियर फ्री बस शेल्टर में यात्रियों को वाई-फाई, ई-शौचालय समेत कई आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी लेकिन धरातल पर तस्वीर इन दावों से बिल्कुल उलट नजर आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई शेल्टर महज लोहे के पोल और टीन की छत तक सिमटकर रह गए हैं।
9.36 करोड़ खर्च, सुविधा के नाम पर कुछ नहीं
धर्मशाला में नए बनाए गए 21 बस शेल्टरों और 27 पुरानों के जीर्णोद्धार पर करीब 9.36 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। परियोजना को यात्रियों की सुविधा और शहर को स्मार्ट बनाने से जोड़कर पेश किया गया था लेकिन शेल्टरों में अपेक्षित सुविधाएं नजर नहीं आने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद यात्रियों को मिला क्या। हैरत की बात तो यह है कि बैठकों में स्मार्ट सिटी के अधिकारियों की ओर से नेताओं-मंत्रियों को भी गलत जानकारी दी जा रही है।
न वाई-फाई, न ई-शौचालय
इंटेलिजेंट बस शेल्टरों में यात्रियों को आधुनिक सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। वाई-फाई, ई-शौचालय और बैरियर फ्री व्यवस्था सहित पौधरोपण और बसों की जानकारी के लिए सूचना बोर्ड और विज्ञापन बोर्ड जैसी सुविधाओं की बात कही गई थी लेकिन कई जगह यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में ये शेल्टर इंटेलिजेंट कम और टिन के डिब्बे ज्यादा नजर आ रहे हैं।
स्मार्ट सिटी में स्मार्ट शेल्टरों की हकीकत
धर्मशाला को स्मार्ट सिटी बनाने की योजनाओं के बीच करोड़ों से तैयार इन बस शेल्टरों की मौजूदा स्थिति परियोजना की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों का कहना है कि यदि शेल्टरों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जानी थीं तो इन्हें इंटेलिजेंट एंड बैरियर फ्री बनाने के नाम पर इतना बड़ा बजट क्यों खर्च किया गया। सुविधाओं के नाम पर केवल दो-दो मोबाइल चार्जिंग पॉइंट रखे गए हैं, जिनमें से अधिकतर खराब पड़े हैं।
- धर्मशाला में स्मार्ट सिटी के पैसे का दुरुपयोग किया गया है। इंटेलिजेंट एंड बैरियर फ्री बस शेल्टर में जो सुविधाएं यात्रियों को मिलनी थी, उसमें से कुछ भी नहीं हैं। लोहे के पोल्स के सहारे टिन की छत खड़ी कर दी गई है। जल्द स्मार्ट सिटी के हुए कार्यों की काला सच लोगों के सामने लाया जाएगा। - जेएम पठानिया, पूर्व सीईओ, स्मार्ट सिटी धर्मशाला
- स्मार्ट सिटी धर्मशाला में इंटेलिजेंट एंड बैरियर फ्री बस शेल्टर बनाए गए, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि इन टिन के डिब्बों पर करोड़ों रुपये खर्च कहां हो गए। सुविधाओं के नाम पर वहां कुछ नहीं है। जनता के पैसों का दुरुपयोग किया गया है। कई ऐसी जगह ये शेल्टर बनाए गए हैं, जहां उनकी जरूरत ही नहीं है। - अभिषेक, समाजसेवी धर्मशाला
पहले पुरानी प्रपोजल देखनी पड़ेगी कि उस समय क्या तय किया गया था और धरातल पर क्या हुआ है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। सोमवार को इसके बारे में जानकारी ली जाएगी। - कल्याण भट्ट, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी धर्मशाला