नेरचौक(मंडी)। झारखंड से लेह जा रहे तीस मजदूरों में से सात मजूदर रैपिड टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं बुधवार को मंडी में कोरोना से दो मौतें हो गई हैं जबकि 87 नए मामले सामने आए हैं। लाहौल-स्पीति प्रशासन के निर्देशानुसार कोविड रिपोर्ट के लिए इन मजूदरों का टेस्ट नेरचौक मेडिकल कॉलेज में किया गया था। पॉजिटिव आने वाले सात मजदूरों को तो प्रबंधन ने कोविड केयर सेंटर भेजने के लिए आइसोलेशन वार्ड मेें भर्ती कर दिया लेकिन 23 मजदूरों को बाहर भेज दिया, जिसमें कई इधर-उधर गायब हो गए। हालांकि इनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी लेकिन प्राइमरी कांटेक्ट होने के चलते इन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत थी। सूचना मिलते ही नेरचौक बाजार में हड़कंप मच गया और प्रशासन के प्रति गुस्सा पनप गया।
लोगों का कहना है था कि जो लोग पॉजिटिव आए हैं तथा जो लोग उनके साथ हैं, प्रशासन को उन पर कड़ा पहरा व निगरानी रखनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजदूर खुलेआम कोरोना कैरियर बनकर घूम रहे हैं। एसडीएम बल्ह आशीष शर्मा ने बताया कि अगर इस तरह का मामला सामने आया है तो ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल आरसी ठाकुर ने बताया कि 30 लोगों के टेस्ट लिए गए थे, जिनमें से 7 पॉजिटिव हैं। उन्हें बीबीएमबी कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है। वहीं जंजैहली में इंजेक्शन लगने के बाद दम तोड़ने वाले व्यक्ति की रैट तो निगेटिव आई थी, आरटीपीसीआर में वह पॉजिटिव निकला है।