सरकाघाट (मंडी)। सरकाघाट से करीब तीन किमी पीछे जमसाई के पास एक पिकअप के अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटने से उसमें सवार 15 लोग घायल हो गए हैं। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही108 एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को उपचार के लिए सरकाघाट अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे में एक बच्चा, 12 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। बताया जा रहा है कि किसी समारोह के बाद घर लौट रहे थे। मालवाहक वाहन में चालक समेत सोलह लोग सवार थे। हादसे के बाद चालक गायब है। पुलिस चालक की तलाश कर रहरी है। हादसे की पुष्टि सरकाघाट के डीएसपी चंद्र पाल ने की है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सड़क पर पड़ी थी बजरी
बताया जा रहा है कि सड़क पर बजरी पड़ी थी। जैसे ही तेज रफ्तार पिकअप वहां से गुजरी तो चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और सड़क पर ही पिकअप पलट गई। इसके बाद चीखोपुकार मच गई। कुछ लोगों मदद के लिए बढ़े और सूचना 108 एंबुलेंस सेवा और पुलिस को दी। समय रहते सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचा दिया गया।
ये हैं घायल
निर्मला देवी पत्नी अमर सिंह गांव अप्पर बरोट, सुलेखा पत्नी ओम चंद अप्पर बरोटा, रूपी देवी पत्नी दिला राम निवासी यथोपरी, फूलां देवी पत्नी बलवीर सिंह निवासी यथोपरी, जमना देवी पत्नी लाल सिंह निवासी यथोपरी, ज्योति पुत्री चंदू राम, कौशल्या देवी पत्नी प्रकाश चंद गांव मगोह पौंटा, तिलकू देवी पत्नी जगदीश चंद गांव फतेहपुर, बलदेव पुत्र दिले राम गांव नबाही, हरदेई पत्नी मनसा राम निवासी चंद्रूही, कौशल्या देवी पत्नी तुलसी राम निवासी अपर बरोट, रीना देवी पत्नी रूप लाल गांव अपर बरोट, शकुंतला देवी पत्नी कश्मीर सिंह गांव बरोट, सत्या देवी पत्नी कर्मचंद अपर बरोट, गजन सिंह गांव जुकैण शामिल हैं।
ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसने में नाकाम
नूरपुर में स्कूल बस हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने ओवरलोडिंग पर शिकंजा कसा था। लेकिन, कुछ ही समय बाद यह शिकंजा फिर से ढीला पड़ चुका है। मालवाहक वाहन में 16 सवारियों का होना यातयात नियमों की अवहेलना है। अगर पुलिस ने गश्त या नाका लगाया होता तो शायद हादसा ना होता। हालांकि पुलिस समय समय पर ओवरलोडिंग के चालान करती है। लेकिन लोगों को भी चाहिए कि मालवाहक वाहनों और सामान्य वाहनों में ओवरलोडिंग ना करें।