पंडोह (मंडी)। पेयजल किल्लत से परेशान ग्राम पंचायत पंडोह के बथली, सकरैणी और अपर पंडोह के ग्रामीण खाली बर्तनों के साथ उपप्रधान के घर रोष जताने पहुंच गए। प्रभावितों का कहना है कि इन गांवों में पिछले 5 दिनों से पानी की एक भी बूंद नहीं टपकी है। उन्हें 3 किलोमीटर दूर प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है। वहीं, मवेशियों को ज्यूणी खड्ड में ले जाकर पानी पिलाना पड़ रहा है। समस्या को लेकर लोगों ने आईपीएच विभाग और सरकार के खिलाफ खासा रोष जताया है।
प्रभावित लोगों में अंत राम, रोशन लाल, देश राज ठाकुर, अशोक कुमार, रामकिशन, विरेंद्र कुमार, किशन चंद, महेंद्र पाल, गुण प्रकाश कपूर व किशन चंद ने बताया कि इस समस्या के बारे में विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। इन गांवों के लिए धुआंदेवी नाला से आईपीएच विभाग की स्कीम के माध्यम से पानी उपलब्ध करवाया गया है। करोड़ों की लागत से बनी एक अन्य उठाऊ पेयजल योजना के माध्यम से पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। मगर ये दोनों ही स्कीमें बिना वाटर गार्ड और फिटर के हांफ ने लगी हैं। विभाग के 3 पंचायतों पर 1 या 2 वर्कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से 3 दिनों के भीतर इस समस्या के समाधान की मांग की है अन्यथा वे संघर्ष के रास्ते से पीछे नहीं हटेंगे। जिसकी जिम्मेदारी विभाग की रहेगी। उपप्रधान इंद्रजीत शर्मा ने समस्या का समाधान करने की बात की है। उन्होंने बताया कि इस बारे में विभाग से बात की जाएगी ताकि, लोगों को पेश आ रही समस्या से निजात मिल जाए। उधर, आईपीएच विभाग के एसडीओ एचके शर्मा ने बताया कि उन्हें इस प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।