शानन परियोजना की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेंगे डीसी
डि सिल्टिंग मामले में हाईकोर्ट ने जांच के दिए थे आदेश
अधिकारियों के सामने परियोजना प्रबंधन ने मानीं कुछ मांगें
अमर उजाला ब्यूरो
बरोट (मंडी)। हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब राज्य की 110 मेगावाट की शानन विद्युत परियोजना की रेजर वायर की डिसिल्टिंग मामले में निरीक्षण करने के लिए डीसी मंडी और प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों तथा परियोजना अधिकारियों से मिलकर यहां पर ग्राउंड लेवल पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। वहीं, कुछेक मांगों को परियोजना अधिकारियों ने मौके पर मान लिया है। जबकि, मामले की विस्तृत रिपोर्ट डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर शनिवार को कोर्ट को सौंपेंगे। जानकारी के अनुसार हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश अनुसार पंजाब शानन की 110 मेगावाट परियोजना के बरोट रेजर वायर में स्थानीय लोगों और जन प्रतिनिधियों की ओर से डी सिल्टिंग निकासी को रोकने हेतु याचिका दायर की गई थी। इस पर जिलाधीश मंडी ऋग्वेद ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदेश सचिव आरके पुर्थी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। डीसी ने कहा कि वह शुक्रवार को कोर्ट को रिपोर्ट सौंप देंगे। इस मौके पर एसडीएम पधर आशीष शर्मा, जियोलॉजिस्ट अमित शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
लोगों ने रखीं समस्याएं
स्थानीय लोगों प्रधान बरोट रंजना, भाजपा जिला सचिव काहन, बरधान पंचायत प्रधान गंगी देवी, पूर्व प्रधान सुभाष, रामदास, रोशन लाल, बरोट उप प्रधान श्याम लाल, रमेश, कृष्ण, रोशन लाल ने कहा कि डी सिल्टिंग से ऊहल नदी में मछलियां मर रही हैं। लोगों के घराट बंद हो गए। सड़कों की हालत खस्ता हालत हो गई है। स्ट्रीट लाइटें बंद हो गई हैं। गांव के आने-जाने के रास्ते बंद हैं। लोगों ने मौके पर जिलाधीश को लिखित शिकायत सौंपी है।
निरीक्षण पर पहुंचे उपायुक्त मंडी के समक्ष परियोजना अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की कुछ मांगों को मान लिया है। अधिकारियों ने स्ट्रीट लाइट, सड़क को पक्का करने, बैरीगेटर लगाने की मांग को मान लिया। अधिकारियों ने कहा कि तीन महीने तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।