फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राहत लेकर आई बारिश और बर्फबारी

विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी/चैलचौक/जंजैहली (मंडी)। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए सोमवार का दिन राहत लेकर आया। बर्फबारी और बारिश से राहत मिली है। सूखे से जूझ रही फसलों को संजीवनी मिल गई है। जिले की सबसे ऊंची चोटी शिकारी देवी में 15 सेंटीमीटर और कमरूनाग में 12 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है। करसोग, कमरूघाटी, सिराज घाटी और बालीचौकी की पहाड़ियों पर बर्फ पड़ने से समूचा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है।
विज्ञापन

बर्फबारी से उपमंडल गोहर और सिराज की दर्जनों संपर्क सड़कें बंद हो गई हैं। लेकिन प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही जारी है। सिराज घाटी और कमरूघाटी की पंचायतों में दिन भर विद्युत सुविधा प्रभावित होती रही। कमरूनाग और शिकारी देवी में सोमवार सुबह बर्फीली हवाएं भी चलीं। बर्फीली हवाएं चलने से गोहर और जंजैहली प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया था। पिछले कई दिनों से किसान बागवान बारिश का इंतजार कर रहे थे। इंद्र देवता ने किसानों-बागवानों की फरियाद सुन ली।

इन फसलों के लिए बारिश संजीवनी
सेब के लिए बारिश और बर्फबारी को उपयुक्त माना जा रहा है। अप्रैल माह में फ्लावरिंग होनी है और नए पौधों को भी इस बारिश से संजीवनी मिलेगी। मंडी जिला के सेब उत्पादित क्षेत्रों में हालांकि चिलिंग आवर्स पूरे नहीं हुए हैं। लेकिन समय पर हुई बारिश और बर्फबारी से सेब बगीचों को नई जान मिली है। बारिश से गंदम, मटर, लहसुन और नकदी फसलों को भी पर्याप्त नमी मिली है।
विज्ञापन


मुस्कुराए किसान और बागवान
वहीं बरोट, बालीचौकी, गाडागुशैणी, छतरी, जंजैहली, थाची, पंजाई, थुनाग, लंबाथाच, बगस्याड़, देवीदहड़, जाच्छ, सरोआ, कुटाहची, फनगयार, बाढू, घीडी, रोहांडा, चौकी, पंडार, जाछ, झूंगी, पांगणा और करसोग में बारिश से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। जिला के सभी 10 ब्लाकों में बारिश से किसान बागवान गदगद हो गए हैं। किसानों केशव राम, देवीराम, ठाकर दास, राकेश कुमार, गुलाब सिंह, खिमू राम, हेमराज और मुरारी लाल ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है।

कोट्स
सिराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने बताया कि सिराज घाटी में बारिश ने सेब की आने वाली फ्लावरिंग के लिए संजीवनी दे दी है। बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज ने कहा है कि फरवरी माह में हुई बर्फबारी और बारिश सेब बगीचों में फ्लावरिंग का संतुलन बनाएगी। कृषि विशेषज्ञ गोहर डा. खूबराम चौहान ने गंदम, मटर और लहसुन के लिए बारिश को लाभप्रद बताया है।

बरोट में 15 सेंटीमीटर बर्फबारी
बरोट (मंडी)। बरोट क्षेत्र मेे कई माह के बाद 2 से 10 सेंटीमीटर तक बर्फ पड़ी है। इससे किसानों बागबानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। किसान चमेल सिंह, राम सिंह, ज्ञान चंद, प्रेम चंद ने कहा कि उनकी फसलें पीली पड़ गई थीं, इस बारिश और बर्फबारी के बाद जान आ गई है। बर्फ के कारण आज बरोट-मियोट सड़क, बरोट बड़ा गांव सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा यहां पर रोलिंग, पंजोंड, लाछयायन, मियोट, बड़ीझरबाड़, पोलिंग, बुज्लिंग, बड़ा गांव, कोठी कोहड़, उल्धार मेें 2 से 15 सेंटी मीटर तक ताजा हिमपात हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें