मंडी। करोड़ों की लागत से बने जोनल अस्पताल मंडी का नाम देश के महान सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर तो रख दिया है लेकिन, अफसरशाही का रवैया इस क्रांतिकारी के नाम पर भी गैर जिम्मेदाराना है। अस्पताल के मुख्यद्वार के साथ नेताजी की एक तस्वीर लोहे की तारों से बांधकर हवा में लटका दी गई है। बेतरतीब ढंग से लटकी इस तस्वीर को शहर का आम नागरिक तो नोटिस करके शर्मसार हो रहा है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन और अफसरशाही को शायद यह नहीं दिख रहा। स्थानीय लोगों में रोष पनप रहा है। अभी हाल ही में इसी अस्पताल में लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक की ओपीडी भी लग रही है। प्रदेश भर में मुख्य पार्टियों के आला नेता इस मेडिकल के जरिये सियासत की गोटियां फिट करने में लगे हुए हैं लेकिन, देश के इस महान सपूत के नाम पर जोनल अस्पताल का नाम रखने वालों ने शायद आंखें बंद कर रखी हैं, जो नेताजी की फोटो हवा में लटकी उन्हें नहीं दिख रही है।
अस्पताल की एंट्रेंस में बने नेताजी का स्टेच्यू
ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि नेताजी की फोटो को इस तरह टांगना शर्मसार करने वाला है। जोनज अस्पताल नेताजी के नाम से ही चल रहा है। जबकि, यहीं मेडिकल कॉलेज की ओपीडी भी लग रही है। प्रशासन और प्रबंधन को चाहिए कि यहां अस्पताल की एंट्रेंस में नेताजी का एक स्टेच्यू स्थापित किया जाए। स्थानीय लोगों में सतीश कुमार, संदीप कुमार, देवेंद्र सिंह, संजय कुमार और सोच संस्था के संस्थापक राजा सिंह मल्होत्रा का कहना है कि अस्पताल के मुख्य द्वार तो नेताजी के नाम से चमक रहा है लेकिन, अंदर दाखिल होते ही नेताजी की फोटो का बेतरतीब ढंग से लटका होना शर्मसार करता है। अस्पताल प्रबंधन को चाहिए कि करोड़ों के इस अस्पताल में नेताजी की प्रतिमा को बेहतर स्थान दिलवाए।
स्टेच्यू लगाने पर होगा विचार: सीएमओ
उधर, सीएमओ डॉ. देस राज ने कहा कि अस्पताल में नेताजी की टंगी तस्वीर को ठीक किया जाएगा। जहां तक अस्पताल के मुख्य द्वार पर स्टेच्यू लगाने की बात है, उसपर जल्द विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नेताजी का स्टेच्यू लगे, इसके लिए भरसक प्रयत्न होंगे।