सराज और नाचन में सबसे अधिक नुकसान, सुंदरनगर और बल्ह में सैकडों घरों में घुसा पानी
नदी-नालों और खड्डों के आसपास के इलाकों में खूब मची तबाही, मंडी-पठानकोट एनएच चार घंटे बंद रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी/ गोहर/ थुनाग/ नेरचौक। जिले में बारिश ने आफत बनकर बरसी है। सराज विधानसभा क्षेत्र जंजैहली के साथ लगती ग्राम पंचायत तुंगाधार में शनिवार रात को और रविवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से तुंगाधार नाले में बाढ़ आने के कारण चार वाहन नाले में बह गए और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। इसी तरह से आधा दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा सराज क्षेत्र के बगस्याड़ में पहाड़ धंसने से एक मकान और दो गाड़ियां मलबे में दब गई हैं। उधर, जिले के तीन एनएच बार-बार बंद हो रहे हैं, जबकि जिले में 72 सड़कें, 55 ट्रांसफार्मर बंद हैं। सुंदरनगर, सराज, नाचन में सबसे अधिक ट्रांसफार्मर और सड़कें बाधित हुई हैं। ब्यास नदी, ऊहल सहित जिले की सभी खड्डों और नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इनके किनारों पर भारी नुकसान हुआ है। उधर, भूस्खलन के चलते कई घरों, गोशालाएं ढहने और वाहनों के बहने की घटनाएं हुई हैं। सुंदरनगर, बल्ह और सरकाघाट सहित अन्य कई स्थानों पर घरों में पानी घुस गया है। ब्यास नदी, सुकेती, उहल, धर्मपुर की सोन खड्ड सहित कई नालों में बाढ़ जैसे हालात होने के चलते आसपास बहुत नुकसान हुआ है। धर्मपुर, सरकाघाट में कई मार्ग बंद हो गए हैं, जबकि घरों को गिरने की आशंका बनी है। बल्ह घाटी में कई किसानों के करोड़ों रुपये के टमाटर पानी में बहे और सड़ गए हैं। सराज के तुंगाधार की बात करें तो शनिवार रात को और रविवार सुबह हुई बारिश के चलते तुंगाधार नाले में बाहर आने के कारण चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और आधा दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। ग्राम पंचायत तुंगाधार के प्रधान हेमराज ठाकुर ने बताया कि बारिश के चलते नाले में बाढ़ आने के कारण तीन गाड़ियां पानी की आने की चपेट में पूरी तरह डैमेज हो गई हैं। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम थुनाग विचित्र सिंह ने बताया कि नाले में बाढ़ आने के कारण तीन गाड़ियों नाली में बह गई और मिट्टी में दबकर खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान का उचित मूल्यांकन करके रिपोर्ट उच्च अधिकारी को भेजी जाएगी।