मंडी। तूफान, बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को प्रचंड गर्मी से तो राहत मिली है लेकिन, किसानों-बागवानों पर मार पड़ी है। सेब और अन्य नगदी फसलें बर्बाद हो गई हैं। दो दिनों की कड़ी धूप से प्रचंड गर्मी के बाद बुधवार सुबह के समय मौसम ठीक था और कड़ी धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा था। लेकिन, दो बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में काले बादल छा गए और जमकर बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई। स्कूलों में छुट्टी के वक्त मौसम के इस मिजाज ने बच्चों को परेशानी में डाल दिया। दोपहर दो बजे घनघोर अंधेरा छा गया। तेज आंधी चलने लगी। घबराहट में अभिभावक बच्चों को लाने स्कूल पहुंच गए। कुछ स्कूली बच्चे स्कूलों में ही फंसे रहे तो कुछ ने सड़कों किनारे शरण ली। धर्मपुर, सुंदरनगर, नाचन, सराज, लडभड़ोल, जोगिंद्रनगर में दिन को ही अंधेरा छा गया और देखते ही देखते जोरदार बारिश हुई।
बिजली और ट्रैफिक जाम बना परेशानी
मौसम के मिजाज के बीच रास्तों में ट्रैफिक थम गया। जाम लग गया। वहीं बिजली भी बाधित हो गई। दोपहर दो बजे से लेकर साढ़े तीन बजे तक यही आलम रहा। जहां बिजली बार-बार बाधित होने से लोगों को परेशानी हुई। वहीं जाम की वजह से स्कूली बच्चों और अभिभावकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धर्मपुर, सुंदरनगर और गोहर की कई पंचायतों में लंबे समय तक बिजली गुल रही।
सेब की सेटिंग प्रभावित, नगदी पैदावार भी तबाह
मौसम की बेरुखी से सेब की सेटिंग अधिक प्रभावित हुई है। जबकि आलू, मटर, गोभी, शिमला मिर्च की पैदावार भी काफी प्रभावित हुई हैं। वहीं, बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। दूसरी तरफ किसानों, बागवानों के लिए यह बारिश नुकसानदेह साबित हुई है। बहुत से किसानों की फसलें काटने के बाद खेतों में ही भीग गई है।