मंडी। जिला मंडी में चुनाव बेशक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए हैं लेकिन कुछ सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा राजनीतिक पार्टियों के नुमाइंदों पर आरोप के छींटे गिरे हैं। आचार संहिता के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी के पास कुल 41 शिकायतें पहुंची हैं। जिसमें 37 का निपटारा कर दिया गया है लेकिन 4 मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए इन मामलों पर जांच बढ़ा दी गई है। यह मामले द्रंग, सिराज, जोगिंद्रनगर और सुंदरनगर से सामने आए हैं। जिसमें एक पुलिस कर्मी, दो पटवारी और एक कानूनगो स्तर का अधिकारी जांच से गुजर रहा है। आरोपों में किसी पर पार्टीबाजी के आरोप लगे हैं तो किसी पर आचार संहिता के दौरान नियमों की अवहेलना के। उधर, उपायुक्त मंडी और जिला निर्वाचन अधिकारी मंडी ने बताया कि कुल 51 शिकायतें मिली थीं। जिसमें 4 मामलों की जांच की जा रही है। शेष मामलों को निपटा दिया गया है।
शिकायत नंबर एक
विस क्षेत्र सुंदरनगर में एक व्यक्ति ने शिकायत की है कि चुनाव में सुंदरनगर में एक कानूनगो ने पार्टीबाजी की है। उन्होंने किसी विशेष पार्टी के हित में काम किया है। हालांकि अभी तक इस आरोप का समाधान नहीं हुआ है। इस शिकायत की जांच हो रही है।
शिकायत नंबर 2
विधानसभा क्षेत्र सिराज में कुछ बूथों पर भाजपा समर्थकों पर चुनाव नियमों के अवहेलना के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि पोलिंग बूथों पर भाजपा समर्थकों ने तय मानकों को ताक पर रखकर अंतिम दिन भी मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास किया है। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया है।
राजस्व से जुड़े दो अधिकारियों पर आरोप
द्रंग विस क्षेत्र के भाजपा समर्थक ने राजस्व विभाग के दो अधिकारियों पर हीला हवाली के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि राजस्व विभाग के दोनों अधिकारियों ने चुनावों के दौरान ड्यूटी करते हुए नियमों को दरकिनार किया है। जिसकी जांच चल रही है।
पुलिसकर्मी पर जड़ा आरोप
जोगिंद्रनगर के एसएस चौहान जो हिमालयन जागृति मंच के चेयरमैन हैं, ने एक पुलिसकर्मी पर आरोप लगाया है कि विस चुनावों के दौरान जब उनका किसी व्यक्ति के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ तो वह मूक दर्शक बने रहे। उन्होंने उस व्यक्ति को समझाया तक नहीं बल्कि अपने ही कार्यों में व्यस्त रहा। इससे साफ जाहिर है कि पुलिसकर्मी की ड्यूटी क्या अहमियत रखती है।