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करसोग अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल, मरीज बेहाल

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करसोग (मंडी)। कसरोग अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे हैं। सरकार ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए यहां अस्पताल तो खोल दिया है लेकिन सुविधाएं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जितनी भी नही हैं। रेडियोलॉजिस्ट न होने के चलते यहां अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहे हैं। रोगियों को अल्ट्रासाउंड के लिए शिमला या मंडी करीब 120 किमी का सफर तय कर पहुंचना पड़ रहा है। आलम यह है कि अस्पताल एक अदद विशेषज्ञ चिकित्सक के लिए तरस रहा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह जिले में विशेषज्ञ डॉक्टर का न होना स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रहा है। आलम यह है कि करसोग के नागरिक चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में रोगियों को शिमला या मंडी रेफर कर दिया जाता है। यहां की करीब डेढ़ लाख की आबादी सस्ते और सरकारी इलाज के लिए इसी चिकित्सालय पर निर्भर करती है। लोगों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य सेवाएं जल्द पटरी पर न लौटीं तो आंदोलन किया जाएगा। रोजाना अस्पताल में 350 से 400 के आसपास ओपीडी है।
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अल्ट्रासाउंड साबित हो रहा महंगा
करसोग के समाजसेवी दलीप कुमार गौतम का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के कारण गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। या तो प्रभावितों को निजी सेंटर में जाकर 1000 या 1200 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं या इन्हें अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए शिमला या मंडी का रुख करना पड़ रहा है।
मामूली फ्रैक्चर पर शिमला की दौड़
व्यापार मंडल करसोग के प्रधान नवीन गुप्ता का कहना है कि मामूली फ्रैक्चर होने पर रोगियों को शिमला का रुख करना पड़ रहा है। सरकार के वायदे के बावजूद यहां ऑर्थो डॉक्टर को नहीं है। कई रोगी पैसों के अभाव में निजी चिकित्सालय जाने को असमर्थ हैं।
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राकेश गुप्ता का कहना है कि गायनी डाक्टर के अभाव में महिलाओं को इलाज के लिए शिमला विशेषज्ञों के पास जाना पड़ रहा है। इससे रोगी के साथ एक तीमारदार को भी जाना पड़ता है। इसमें इनका धन और समय दोनों बर्बाद होते हैं। सरकार और विभाग को यहां जल्द गायनी डॉक्टर की तैनाती करनी चाहिए।
शिशु विशेषज्ञ का पद भरो
भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अमीं चंद का कहना है कि जिस तरह मेडिसन विशेषज्ञ की तैनाती की गई है वहां पर रोगियों की खासी भीड़ रहती है। उसी तरह शिशु विशेषज्ञ का पद भी जल्द भरा जाना चाहिए।
जल्द होनी चाहिए नियुक्ति
पूर्णचंद कौंडल का कहना है कि करसोग अस्पताल पर सरकार द्वारा भवन बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति करना सरकार भूल गई। मात्र एक मेडिसन विशेषज्ञ बिठाकर कुछ नहीं होगा। विभाग और सरकार को विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति जल्द करनी चाहिए।
उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया
खंड चिकित्सा अधिकारी राकेश प्रताप का कहना है कि करसोग अस्पताल में गायनी, ऑर्थो, शिशु विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट के पद खाली चल रहे हैं। इसके बारे में उच्च अधिकारियों को समय-समय पर अवगत करवाया जाता है।
जल्द होगी तैनाती : विधायक
करसोग के विधायक और सीपीएस मनसाराम का कहना है कि करसोग में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना पहला लक्ष्य है। सरकार चिकित्सकों की नियुक्ति करने में प्रयासरत है। जल्द करसोग अस्पताल को बेहतर बनाया जाएगा और स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
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