पधर (मंडी)। कोटरोपी में एनएच का मलबा पंदलाही और एनएच से नीचे सटे गांवों की ओर फेंकने का स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है। 21 दिन बाद भी कोटरोपी के मलबे का तोड़ निकालने में विफल रहने के बाद आखिर एनएचएआई और विभाग ने मलबे को एनएच से नीचे नाले में फेंक दिया। मलबे को नाले में फेंकने का विरोध ग्रामीण पहले ही जता चुके हैं। इस बाबत ग्रामीणों ने सीएम जयराम ठाकुर को भी पत्र लिखा है। लेकिन, सोमवार तक एनएच बहाल करने की डेडलाइन के चलते विभाग ने मलबे को नाले में फेंक दिया। यदि यहां पर जरा सी बारिश होती है तो यह मलबा फिर तबाही मचा सकता है। शुक्रवार को प्रशासन ने घटनास्थल पर एलईडी लाइटें भी लगाई हैं।
जल्द एनएच बहाल न हुआ तो होगा आंदोलन
व्यापार मंडल कुन्नू के प्रधान रमेश सोनी ने शुक्रवार को व्यापारियों के साथ कोटरोपी का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम पधर डॉ. आशीष शर्मा से उनके निवास स्थान पर मुलाकात कर कोटरोपी में राहत कार्य को गति प्रदान करने की मांग उठाई। रमेश ने कहा कि कोटरोपी में मार्ग को बहाल करने का कार्य कछुआ चाल से चला हुआ है। उन्होंने कहा कि कोटरोपी जीरो प्वाइंट के पास भी दलदल बना हुआ है जो कभी भी तबाही मचा सकता है। उन्होंने विभाग को चेताया है कि यदि जल्द मार्ग बहाल न किया गया तो लोग आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। इस मौके पर पधर टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के सचिव महेंद्र गुलेरिया, बलविंद्र महाजन, मस्त राम, हरीश यादव सहित तमाम समाज सेवी मौजूद रहे। एनएचएआई के टेक्रीकल एडवाइजर सतीश नाग ने कहा कि मार्ग को बहाल करने के लिए सोमवार की डेडलाइन निर्धारित की है। मौसम साफ रहा तो इसमें कामयाबी मिलेगी।
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