मंडी में हवाई सेवाओं की होगी बढ़ोतरी : डीसी
अधिकारियों को जमीन तलाशने के दिए निर्देश
बैठक में उपायुक्त ने की कई मुद्दों पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। दुर्गम क्षेत्रों के अलावा सड़कों की बदहाली वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अब हेलीपेड बनेंगे। हवाई सेवा को ऐसे क्षेत्रों से जोड़ने के प्रयास स्थानीय प्रशासन ने तेज कर दिए हैं। सोमवार को प्रशासनिक बैठक में उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने अधिकारियों के साथ जिले के विभिन्न स्थानों पर नए हेलीपैड बनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया और सरकार के निर्देशों को अमलीजामा पहनाने तथा जगह तलाशने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि मंडी जिले में खुले में घूमने वाले पशुओं के लिए 15 गौसदन चलाए जा रहे हैं। इनमें 1073 पशु रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि गौसदनों में पशुओं के चारे और पानी की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि गौसदनों की संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से सभी उपमंडलों में स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राघव शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार, एसडीएम मदन कुमार, जिला पंचायत अधिकारी गिरीश समरा, परियोजना अधिकारी, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण प्रदीप कुमार भी उपस्थित थे ।
पार्किंग के लिए भी प्रयास तेज
पार्किंग समस्या से जूझ रहे मंडी में नई पार्किंग मुहैया करवाने के लिए भी प्रशासन ने प्रयास तेज किए हैं। इसके लिए मंडी शहर में पार्किंग स्थलों की बढ़ोतरी के लिए स्थानों का चयन किया जा रहा है। वर्तमान में गाड़ियों की पार्किंग की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है।
संस्कृति सदन की कवायद होगी तेज
डीसी ने कहा कि संस्कृति सदन के निर्माण कार्य को शीघ्र आरंभ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। संस्कृति सदन की कवायद करीब चार साल से चली हुई है। इसके निर्माण से देवलुओं को छत मिलेगी साथ ही ऑडिटोरियम बनाने की भी योजना है। अगर यह कवायद सफल होती है तो देव समाज को कई सुविधाएं मिलेंगी। करोड़ों की राशि खर्च कर इसे बनाया जा रहा है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन प्रयासों में तेजी लाएं।
निर्धारित स्थानों पर ही लगाएं रेहड़ी-फड़ी
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि रेहड़ी-फड़ी के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निश्चित स्थानों पर ही रेहड़ी-फेड़ी लगाना सुनिश्चित करें। जबकि जिले में खुले में घूमने वाले कुत्तों की नसबंदी का कार्य जारी है।