मंडी। मंगलवार रात को हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम मंडी मंडल की 57 बसें विभिन्न जगह फंसी रहीं। दिन में दिल्ली-केलांग, रिवालसर-केलांग, सरकाघाट-उदयपुर, चंडीगढ़-केलांग, शिमला-केलांग, सरकाघाट-उदयपुर समेत 193 रूट बाधित रहे। सबसे ज्यादा मनाली से लंबे रूटों पर चलने वाली बसें बाधित हुई हैं। इससे मंडी मंडल को एक दिन में 10.29 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
मंगलवार को मंडी मंडल की 52 बसें फंसी थीं। बुधवार सुबह सात अन्य बसें अलग-अलग जगह फंस गईं। हालांकि राहत की बात है कि मंडी डिपो की मंगलवार को फंसी 41 बसों में से बुधवार दोपहर 11 बजे तक नौ बसें सड़कों की बहाली के बाद निकाल ली गईं। 32 बसें अभी भी कई जगह फंसी हुई है। डिपो के 54 रूट बाधित हुए। इससे दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा कुल्लू डिपो की सात बसें फंसी रही और 69 रूट प्रभावित हुए। दिन में छह लाख के करीब नुकसान हुआ है।
सुंदरनगर की सात बसें देवीदड़, सैजल और कमांद समेत अन्य जगह फंस गईं। दिन में 34 रूट प्रभावित हुए और करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। सरकाघाट डिपो की छह बसें फंसी रही और 16 रूट प्रभावित हुए। 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। केलांग डिपो की भी सात बसें फंसी रही और सात ही रूट प्रभावित हुए। करीब 85 हजार का नुकसान हुआ है। धर्मपुर डिपो के 16 रूट प्रभावित हुए और करीब साढ़े 26 हजार रुपये का नुकसान पहुंचा है। 29 जून को आई आपदा के बाद मंडी मंडल को अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। मंडी डिपो की छह बसें 35 दिन से ज्यादा सराज के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसी हुई हैं।
सड़कें बाधित होने से बसें फंस रही हैं। सड़कों की बहाली के बाद उन्हें निकाला जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चालकों और परिचालकों को विशेष हिदायतें जारी की गई हैं।
-उत्तम सिंह, मंडलीय प्रबंधक, एचआरटीसी मंडी