मंडी। नगर निगम मंडी के करीब 1.63 करोड़ रुपये पर शहर के रसूखदारों ने कुंडली मार रखी है। 54 रसूखदार लोगों ने कई वर्षों से गृह कर अदा नहीं किया है। इन्हें दोबारा नए सिरे से नोटिस जारी कर गृह कर भरने की चेतावनी दी गई है, लेकिन इन उपभोक्ताओं ने फिर भी गृह कर जमा नहीं किया है। अब नगर निगम ने इन पर पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
निगम लापरवाह उपभोक्ताओं के बिजली-पानी कनेक्शन काटने को लेकर मंथन कर रहा है। कोरोना काल के बाद नगर निगम मंडी की ओर से शहरी क्षेत्र के लोगों से मात्र दो माह के अंतराल में ही दूसरी बार वर्ष 2022-23 गृह कर की वसूली की जा रही थी, जिसे लेकर शहर के बुद्धिजीवी लोगों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने विरोध किया था। ऐसे में लोगों के विरोध को देखते हुए निगम उच्चाधिकारियों ने 2023 के गृह कर वसूली की तिथि को बढ़ा कर 31 अक्तूबर किया। बाद में इसे 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया था। जिसे देखते हुए अधिकांश लोगों ने समय पर दूसरी बार अपना गृह कर निगम कार्यालय में जमा करवा दिया था, लेकिन निगम क्षेत्र के दायरे में आने वाले 54 रसूखदार उपभोक्ताओं द्वारा कई वर्षों से अपना लंबित गृह कर अदा नहीं किया है। अब निगम अधिकारियों ने रणनीति तय कर उपभोक्ताओं से कर वसूली के लिए अंतिम बार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके बाद भी यदि गृह कर जमा नहीं करवाया जाता है तो उस पर सख्ती से पेश आया जाएगा।
नगर निगम के आयुक्त एसएस राणा ने बताया कि लंबे समय से गृह कर जमा न करवाने वाले लापरवाह उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामला कोर्ट में भी ले जाया जा सकता है। सभी से आग्रह है कि तय तिथि से पहले हाउस टैक्स जमा करवा दें।
2.43 करोड़ रुपये की है मांग
13 वार्ड में कुल 8,464 घर हैं। यहां से सालाना गृह कर की मांग 2.43 करोड़ रुपये है। 2020-21 में 2.86 करोड़ रुपये की आय गृह कर से हुई थी। इसी तरह 2021-22 में दो करोड़ रुपये गृह कर वसूली हुई है। वर्तमान में 31 दिसंबर तक गृह कर शहरवासी जमा करवा सकते हैं। नगर निगम में शामिल दो ग्रामीण वार्डों में अभी गृह कर नहीं लिया जा रहा है।