मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में घायल बच्चों के पहुंचते ही चिकित्सकों और पैरामेडिकल की टीम उपचार में जुट गई। अभिभावक बेसुध होकर यहां वहां घूमते रहे। बच्चों के शरीर के गहरे जख्मों से अभिभावक बेचैन थे। अचानक तभी एक बच्चे के दम तोड़ने की सूचना बाहर आई। अस्पताल के कोरीडोर में बैठे अभिभावक फूट फूट कर रोने लगे। मृतक बच्ची गौरी की मां सिक्योरिटी गार्ड से पूछने लगी। नाम पता चलते ही वह फूट फूट कर रोने लगी और बेसुध हो गई। यह हादसा इस परिवार को कभी न भूलने वाला जख्म दे गया है। वहीं अस्पताल में भर्ती बच्चे दहशत में है। किसी भी बच्चे की आवाज नहीं निकल रही है। बेहोशी की हालत में कुछ बच्चे बचाओ बचाओ की आवाज लगाते रहे।
तो क्या मोबाइल सुन रहा था चालक
अस्पताल में चर्चा रही कि जिस स्पाट पर गाड़ी गिरी है, वह काफी चौड़ा है। हालांकि थोड़ी चढ़ाई है। लेकिन, वहां गाड़ी सिर्फ लापरवाही से ही गिर सकती है। कुछ अभिभावकों के साथ आए लोग यह बातें भी कर रहे थे कि हो सकता है कि मोबाइल सुनते सुनते चालक ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। या फिर गाड़ी चलाते चलाते बच्चों की तरफ ध्यान चला गया और गाड़ी सड़क से बाहर निकल गई। वहीं ओवर स्पीड की बात को भी नकारा नहीं जा सकता।