धर्मपुर (मंडी)। दिन : वीरवार। समय 12:10। अभी परीक्षा खत्म हुए महज 10 मिनट हुए थे। स्कूल से परीक्षा देकर घर लौट रहे मासूम अभी प्रश्नपत्रों में ही खोए थे कि हादसा हो गया। यह व्यवस्था का ही दोष है कि एक नौसीखिया चालक के हाथों सौंपी गई जिंदगियां आखिर खाई में गिर गईं। जबकि हाल ही में हुए नूरपुर स्कूल बस हादसे के बाद सरकार स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दे चुकी है कि स्कूली वैन या बस को चलाने वाले चालक के पास वाहन चलाने का कम से कम आठ साल का अनुभव होना चाहिए।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों को वैन के खाई में गिरने की आवाज सुनाई देते ही वह मौके पर पहुंच गए। घटनास्थल की तस्वीर दिल दहला देने वाली थी। किसी बच्चे की टांग तो किसी का बाजू फ्रेक्चर था। वैन के अंदर घुसे एक पत्थर से बच्चों के सिर टकराए। जिससे करीब चार बच्चों को भयंकर हेड इंजरी हुई है। इन बच्चों के मुंह से खून बहता देख लोगों का दिल दहल गया। घटनास्थल पर बच्चों की चीखों पुकार सुनकर चंद मिनटों में सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। बच्चों को गोद और पीठ पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया गया। कइयों को निजी वाहन तो कई घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों में धर्मचंद गुलेरिया और चमन लाल ने कहा कि घटनास्थल का दृश्य दिल दहला देने वाला था। वैन खून से सनी हुई थी। एक चट्टान जिस पर बच्चों के सिर टकराये वह भी खून से लाल हो गई थी। 12:16 बजे एंबुलेंस को लोगों ने सूचित किया। करीब 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सभी घायलों को सरकाघाट अस्पताल लाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों को जोनल अस्पताल मंडी के लिए रेफर कर दिया गया।
अधिकतर बच्चों को सिर पर लगी गहरी चोटें: बीएमओ
सरकाघाट अस्पताल में तैनात वरिष्ठ चिकित्सक बीएमओ डॉक्टर पन्नालाल ने कहा कि अधिकतर बच्चों को हेड इंजरी है। इन बच्चों के मुंह से खून निकल रहा था। इन बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत रेफर कर दिया गया है।