मंडी। जीवन दायिनी ब्यास और सुकेती के किनारे नप मंडी के किसी भी एरिया में खुले में शौच जाने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए नप ने नया फार्मूला अपनाया है। यदि किसी व्यक्ति को कोई ब्यास नदी, सुकेती खड्ड और स्कोहडी के किनारे शौच करते हुए मिलेगा तो उसका फोटो स्वच्छता ऐप पर अपलोड करने पर शिकायत तुरंत नप के पास पहुंच जाएगी। फोटो के अपलोड होते ही संबंधित एरिया में जाकर नप खुले में शौच करने पर ढाई हजार से 10 हजार तक जुर्माना लगाएगी। इसके साथ ही जो व्यक्ति स्वच्छता ऐप पर खुले में शौच करने वाले लोगों के फोटो अपलोड करेंगे, उनको नप मंडी सम्मानित भी करेगी। इस सिलसिले में नगर परिषद मंडी के कार्यालय में मंगलवार को स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम के तहत खुले में शौचमुक्त होने के लिए समुदाय में व्यावहारिक परिवर्तन विषय पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला में यह निर्णय लिया गया है। कार्यशाला में मंडी जिले के सभी शहरी निकायों से प्रतिनिधियों एवं स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
केंद्र सरकार की विशेषज्ञ ने बताए खुले में स्वच्छता के दुष्परिणाम
भारत सरकार की ओर से विशेषज्ञ योजिका सिंह ने सभी प्रतिभागियों को खुले में शौच के दुष्परिणामों से अवगत करवाया एवं इस समस्या से किस प्रकार निजात पाई जा सकती है, इसकी भी जानकारी दी । उन्होंने सभी शहरी निकायों को खुले में शौच मुक्त घोषित करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी । इस कार्यशाला में शहर को स्वयं सहायता समूहों से यह भी आह्वान किया गया कि यदि किसी के घर में अल्पावधि किरायेदार हैं और शौचालय एक ही है तो भी नगर परिषद को अवगत करवाएं ताकि शौचालय बनवाया जा सके।
स्वच्छता ऐप में फोटो अपलोड कर करें खुले में शौच करने वालों की शिकायत
नगर परिषद मंडी की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने कहा कि सभी प्रतिभागी, स्वयं सहायता समूह की सदस्य खुला शौच मुक्त अभियान में सहयोग करें तथा बाहरी लोगों को नगर परिषद द्वारा निर्मित सामुदायिक शौचालयों का उपयोग करने के लिए बाध्य करें तथा स्वच्छता ऐप से फोटो अपलोड करके इसकी शिकायत करें। कार्यशाला में पार्षद पुष्पराज कात्यायन, जितेंद्र शर्मा, निर्मला शर्मा, उर्मिला शर्मा और विशाल ठाकुर भी उपस्थित रहे।