वन मंडल जोगिंद्रनगर में मानसून सीजन में रोपने वाले पौधों की नर्सरी। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। वन मंडल जोगिंद्रनगर में मानसून सीजन शुरू होते ही करीब 100 हेक्टेयर भूमि पर इस साल भी 50 हजार से अधिक पौधे रोपित किए जाएंगें। इसके लिए वन परिक्षेत्र धर्मपुर, कमलाह, लडभड़ोल, उरला और जोगिंद्रनगर में भूमि चिह्नित कर ली गई है। जुलाई में देवदार, वान, पतिदार पौधों के अलावा औषधीय पौधों में शामिल आवंला, जामुन के पौधे भी लगाए जाएंगे।
जायका प्रोजेक्ट के तहत भी पूर्व में रोपित पौधों का संरक्षण किया जाएगा। करीब 600 हेक्टेयर भूमि पर रोपे गए पौधों का संरक्षण मानसून सीजन में किया जाएगा। मई व जून माह में जंगल की आग से जिन पौधों को अधिक नुकसान पहुंचा है उन्हें अधिक से अधिक रोपित करने का लक्ष्य रखा गया है। वन परिक्षेत्र जोगिंद्रनगर में ही आग की कुल 20 घटनाओं में 50 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि को नुकसान पहुंचा है। करीब पांच हजार पौधे भी आग से क्षतिग्रस्त हो गए।
वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर कमल भारती ने बताया कि जुलाई माह में पौधे लगाने का कार्य शुरू होगा। इसके लिए वन विभाग की टीमों को गठित कर जंगलों में गड्ढे करने के अलावा आम लोगों को भी जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया गया है। आग से वन संपदा को हुए नुकसान से निपटने के लिए प्रत्येक वन परिक्षेत्र में अधिक से अधिक औषधीय पौधों का भी रोपण किया जाएगा।