देव पराशर मंदिर परिसर में बिजली न पानी
कुछ माह में ही उखड़ी सड़क की टारिंग
श्रद्धालुओं को हो रही है भारी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। देव पराशर ऋषि मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की राह आसान नहीं है। मेले को लेकर अब प्रशासन सड़कों को दुरुस्त करने में जुटा है। वहीं, वर्ष भर बिजली-पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में यहां पर्यटकों को परेशानी होती है। मेले को जिलास्तरीय दर्जा तो मिल गया है लेकिन, सड़क समेत बिजली और पानी की सुविधा नहीं है। अक्सर बिजली की सप्लाई बाधित रहने से यहां पर पानी भी लिफ्ट नहीं होता है। जरा सा मौसम बिगड़ने पर यहां बिजली गुल हो जाती है। इससे यहां पर पानी भी लिफ्ट नहीं हो पाता है। मेले से ठीक पहले प्रशासन सड़क की मरम्मत करने में जुटा है। हालांकि, करोड़ों रुपये खर्च कर इस सड़क की हाल ही में टारिंग की गई है लेकिन कुछ माह में ही सड़क की टारिंग उखड़ चुकी है।
देव पराशर मंदिर मंडी से 50 किमी दूर 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। यहां पहुंचना आसान नहीं है। कुल्लू निवासी भक्त सिंह नेगी, लेपत राम, हेमराज शर्मा और शिव सिंह नेगी ने कहा कि देव पराशर हमारे कुल देवता हैं। अक्सर मंदिर में आना होता है लेकिन, अधिकतर यहां पर बिजली और पानी की समस्या रहती है। सड़क की हालात भी बेहद खस्ता है। मेले के समय अब जब मंत्री यहां आने वाले है तो सड़क के गड्ढों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरनाहुली मेले में हजारों की संख्या में कुल्लू और मंडी जिले के लोग शिरकत करते हैं। लेकिन, यहां पानी समेत बिजली जैसी सुविधाओं की निरंतर सप्लाई नहीं मिल रही है।
सुविधाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी : एसडीएम
एसडीएम सदर डॉ. मदन कुमार ने कहा कि मेले के दृष्टिगत शौचालय का अतिरिक्त प्रबंध किया जा रहा है। देवी-देवताओं और देवलुओं के ठहरने के लिए विशेष प्रबंध किया जा रहा है। बिजली, पानी और सड़क सुविधाओं को सुदृढ़ करने में प्रशासन प्रयासरत है।