सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश के उपोष्ण कटिबंधीय (सब ट्रॉपिकल) क्षेत्रों के बागवानों को अब हाईटेक बागवानी बेहतर विकल्प प्रदान करेगी। जिससे बागवान अधिक पैदावार प्राप्त कर सकेंगे तथा उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। यह जानकारी उप निदेशक बागवानी अमर प्रकाश ने बागवानी विभाग की ओर से सुंदरनगर उपमंडल के हराबाग में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित बागवानों-किसानों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि विश्व बैंक पोषित हिमाचल प्रदेश बागवानी परियोजना के अंतर्गत सब ट्रापिकल क्षेत्रों के बागवानों को इन क्षेत्रों में उत्पादित किए जाने वाले आम, लीची, अमरूद तथा नींबू प्रजाति के फलों के बेहतर प्रबंधन की जानकारी भी प्रदान की जाएगी। जिससे बागवानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आम, लीची, अमरूद तथा नींबू प्रजाति के फलों को वैज्ञानिक तौर पर प्रबंधन कर सघन बागवानी के अंतर्गत लाया जा रहा है। प्रदेश में सघन बागवानी के लिए विश्व स्तरीय तकनीक को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड के साथ करार किया गया है। नई प्रजातियों सहित हिमाचल के किन क्षेत्रों में लीची व अमरूद की बेहतर किस्म पैदा हो सकती है तथा उनसे जुड़ी वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारियों को लेकर न्यूजीलैंड से आए विशेषज्ञ एग्बेरटो सोतो की अगुवाई में एक दल प्रदेश का दौरा करने जा रहा है। जहां यह दल बागवानों और बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ सब ट्रॉपिकल फ्रूट की बारीकियों को साझा करेगा। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत वायला देस राज, प्रधान ग्राम पंचायत चमुखा कौशल्या देवी, बागवानी विकास परियोजना के आईसीपी विशेषज्ञ अरुण उनियाल, विषयवाद विशेषज्ञ बलदेव शर्मा व राजेंद्र शर्मा सहित अनेक गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।