मंडी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने पांच सेवानिवृत्त कर्मियों को वेतन, पेंशन से संबंधित उनका हक और एक महिला को पारिवारिक पेंशन देने के आदेश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने पहले सेवानिवृत्त टीजीटी के पक्ष में शिक्षा विभाग को तीन माह के भीतर वेतन संबंधी लाभ देने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा चार आईपीएच से सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन देने के फैसले भी सुनाए हैं। टीजीटी को तीन माह के भीतर वांछित बीएड के स्केल देने के आदेश दिए हैं। जबकि ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के अनुसार याचिकाओं को स्वीकारते हुए जन स्वास्थ्य विभाग को 45 दिनों के भीतर चारों याचिकाकर्ताओं को पेंशन देने के आदेश दिए हैं।
पहला मामला
ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष वीके शर्मा ने मंडी सर्किट के दौरान सुनाए फैसले में याचिकाकर्ता ब्रह्मा नंद शर्मा सेवानिवृत्त कला अध्यापक की याचिका को स्वीकारते हुए उन्हें बीएड पास करने की तिथि से वेतन संबंधी लाभ देने का फैसला सुनाया है। अधिवक्ता राजकुमार शर्मा के माध्यम से ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार विभाग की ओर से उन्हें 1998 से बीएड के स्केल दिए गए थे। जिसे उन्होंने ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। ट्रिब्यूनल ने विभागीय आदेश को निरस्त करते हुए शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ता के पक्ष में तीन माह के भीतर 1990 से बीएड का स्केल देने का फैसला सुनाया है।
दूसरा मामला
ट्रिब्यूनल ने 4 अन्य मामलों में सेवानिवृत्त बेलदारों को एक जनवरी 2018 से पेंशन देने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता बाली राम, रंचु राम, करनाल, नंद लाल ने ट्रिब्यूनल में याचिकाएं दायर की थी कि विभाग उन्हें 9 वर्ष 6 महीने की पक्की सेवा पूरी होने के बावजूद पेंशन नहीं दे रहा है। ट्रिब्यूनल ने सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के अनुसार याचिकाओं को स्वीकारते हुए जन स्वास्थ्य विभाग को 45 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं को पेंशन देने के आदेश दिए हैं। सभी कर्मी आईपीएच विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। वहीं एक अन्य मामले में ट्रिब्यूनल ने जाजर मंडप निवासी चुहड़ी देवी के पक्ष में फैमिली पेंशन जारी करने के आदेश दिए हैं।