30 दिन में पंडोह तक बनेगी थुनाग-जैंशला सड़क की डीपीआर
सीएम के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने 30 दिन के भीतर मांगा जबाव
चुनावों में ‘अमर उजाला’ की ओर से उठाए मुद्दों पर खुद संज्ञान लेने लगे सीएम
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी।
विधानसभा चुनावों के दौरान सीएम जयराम ठाकुर के गृह क्षेत्र में प्रदेश के नंबर वन अखबार अमर उजाला ने जिन मुद्दों को जनता की आवाज बना उठाया था, उन मुद्दों पर सीएम ने स्वत: संज्ञान लेना शुरू कर दिया है। थुनाग-जैंशला सड़क का मुद्दा इसका उदाहरण है। चुनावों के दौरान सड़क निर्माण में विभाग की कोताही को ग्रामीणों ने अमर उजाला के माध्यम से प्रमुखता से उठाया था। अब सीएम बनने के बाद उनके निर्देशों पर थुनाग-जैंशला सड़क की डीपीआर में हुई गफलत को दूर करने के निर्देश जिला प्रशासन ने विभाग को जारी किए हैं। सीएम के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने लोनिवि विभाग से 30 दिन के भीतर सड़क की डीपीआर और कार्य के लिए बजट का प्रावधान करने को लेकर जवाब मांगा है। प्रशासन ने विभाग को इस सड़क की डीपीआर को पंडोह तक तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जिससे इस क्षेत्र की एक दर्जन से अधिक पंचायतों को लाभ मिलेगा।
13 सितंबर को प्रकाशित हुई थी खबर
थुनाग-जैंशला सड़क की डीपीआर बनाने में बरती गई लापरवाही को भी उजागर किया गया था। जिस पर विधायक रहते हुए सीएम जयराम ठाकुर ने कार्रवाई करने की बात कही थी। इस दौरान उन्होंने इस सड़क को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताया था। भेंचड़ी गांव के एक युवक ने 10 दिन पहले इस सड़क की डीपीआर पंडोह तक बनाने और कार्य शुरू करने की मांग को लेकर सीएम जयराम ठाकुर को पत्र लिखा था। पत्र में सड़क की डीपीआर में बरती गई कोताही और ठप पड़े निर्माण कार्य के बारे में जानकारी दी गई थी। यह स्नो बाउंड एरिया है, जहां पर बर्फबारी के दौर में लोग आपात स्थितियों में मरीजों को पीठ और पालकी पर उठाकर अस्पताल में पहुंचाते हैं। यदि इस सड़क को पंडोह तक जोड़ा जाता है तो पंडोह से इस क्षेत्र की दूरी 30 किमी कम हो जाएगी।
डीपीआर में गफलत से सड़क से महरूम जैंशला के लोग
इस सड़क का निर्माण 2004 में शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही इस सड़क का द्वितीय चरण का कार्य भी शुरू हो चुका है। लेकिन, प्रारंभिक चरण में इस सड़क की डीपीआर में खामियों के चलते यह सड़क जैंशला पंचायत तक नहीं पहुंच सकी है। डीपीआर में थुनाग से जैंशला की दूरी लगभग 13 किमी है। जबकि, विभाग ने डीपीआर में इस दूरी को महज नौ किमी दर्शाया गया था। जिससे यह सड़क जैंशला पंचायत से चार किमी पीछे तक ही बन पाई। यहां पर अरसे से कार्य ठप पड़ा है। यहां पर विभाग बजट का रोना रो रहा है।
छड़ी पुल पर पांच वर्ष से नहीं बना पुल
थुनाग-जैंशला सड़क पर पांच वर्ष से बन रहे छड़ी पुल का कार्य भी अभी तक अधूरा है। लाखों खर्च कर पुल का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। लेकिन, पुल का अप्रोच वर्क न होने से पुल से आवाजाही शुरू नहीं हो सकी है। हालात यह हैं कि यहां पर हलके वाहन खड्ड में पानी से होकर गुजरते हैं। जिससे यहां पर अनहोनी का अंदेशा बना रहता है। स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर इस खड्ड को पार कर स्कूल पहुंचते हैं।
एक दर्जन से अधिक पंचायतों को मिलेगा लाभ
शिल्हीबागी, शिवाथाना, निहरी सुनाह, थुनाग, जैंशला, पखरैर, भाटकीधार, बागाचनोगी, कल्हणी, कशैबलीधार, परवाड़ा, लंबाथाच, शिकावरी, पंडोह तक इस सड़क के निर्माण से लोगों को लाभ मिलेगा। वहीं, थुनाग, जैंशला, भाटकीधार, बागाचनोगी, शिवाथाना, शिल्हीबागी, निहरी सुनाह, लंबाथाच, शिकावरी की दूरी पंडोह से 30 से 40 किमी कम होगी। सिराज दौरे के दौरान सीएम जयराम ठाकुर भी सड़क निर्माण पर अपना विजन तय कर गए थे। दौरे के दौरान उन्होंने सड़कों की दशा सुधारने पर जोर दिया था।
30 दिन में मांगी है रिपोर्ट : डीसी
डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि लोनिवि से 30 दिन से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में थुनाग-जैंशला सड़क को शीघ्र बजट का प्रावधान करने और डीपीआर पंडोह तक बनाने के निर्देश दिए गए हैं।