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बजट : न मंडी पहुंची रेल, न उतरा बड़ा हवाई जहाज

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मंडी। मोदी सरकार के वित्त वर्ष 2018-19 के बजट के पिटारे में मंडी जिले के लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। न तो जोगिंद्रनगर पठानकोट रेल मार्ग को ब्रॉडगेज करने की आस को पंख लगे हैं न ही मंडी जिले में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संभावनाएं हकीकत में बदली हैं। हां, कृषि बागवानी बाहुल्य छोटी काशी मंडी में बजट में सरकार की आगामी खरीफ की फसलों को उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना कीमत पर लेने के फैसले की किसान सराहना कर रहे हैं। जबकि मध्यम वर्ग को शिक्षा और स्वास्थ्य पर सेस के तौर पर एक फीसदी टैक्स देने का विरोध मुखर हो रहा है। जबकि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा पर टैक्स की छूट बढ़कर 50,000, गरीबों को मुफ्त डायलिसिस की सुविधा के अलावा महिला कर्मियों के लिए पीएफ कटौती 8 पर्सेंट करने की कहीं निंदा तो कहीं सराहना हो रही है। हालांकि, हाथ में ज्यादा सैलरी आएगी। वहीं, युवाओं में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी महंगे होने से रोष है।
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कारोबारी/उद्यमी
15. सरकाघाट के व्यवसायी विपन कौशल ने जीएसटी की प्रक्रिया को सरल करने की पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री बधाई के पात्र हैं। कारोबारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। लेकिन मध्यवर्गीय परिवारों पर स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में एक फीसदी अधिक सेस उचित नहीं है।

16- सुंदरनगर के कारोबारी ओम प्रकाश का कहना है कि केंद्रीय बजट से छोटे कारोबारियों को आने वाले समय में व्यापार करना सहज होगा। बजट में प्रावधानों से आम आदमी और किसान की आर्थिकी मजबूत होगी। जिससे उनकी खरीददारी करने की क्षमता बढ़ेगी।
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17- सुंदरनगर में सेनटरी कारोबार से जुड़े रवि कुमार ने कहा कि 2022 तक हर गरीब के लिए मकान बनाने की बात कही है। लेकिन, गृह निर्माण से जुड़ी सामग्री जैसे सीमेंट, सरिया, सेनटरी आइटम और पेंट पर अत्यधिक टैक्स है। जिसे घटाए बिना आम आदमी का सस्ते में घर बनाने का सपना पूरा नहीं होगा। छोटे कारोबारी निराश हैं।
18- नेरचौक स्थित अभिनंदन शर्मा मालिक नीलम स्वीट्स का कहना है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का उल्लेखनीय कदम रहा है। स्वास्थ्य बीमा योजना सही कदम है। सरकार और शौचालय बना रही है यह भी एक सराहनीय कदम है।
19-नेरचौक के कारोबारी नंदलाल सैनी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल सस्ता होने से महंगाई में राहत मिलेगी। विख्यात बल्ह घाटी के किसानों के लिए और नगदी फसलों का व्यवसाय करने वालों के लिए बजट सोने पर सुहागा है। समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी एक सराहनीय कदम है।

कर्मचारी/सेवानिवृत्त कर्मचारी
20- सरकाघाट के प्रधानाचार्य रजनीश पॉल सकलानी के अनुसार प्रत्यक्ष कर में 4 लाख तक कोई आयकर न लगने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। इसका सीधा असर 12 महीने नौकरी करने पर आयकर काटकर केवल मात्र 11 महीने का ही वेतन मिलेगा। वित्तमंत्री के बजट से कोई लाभ नहीं हुआ है।
21-अधीक्षक दिनेश कथानिया का कहना है कि आयकर सीमा में 3 लाख 50 हजार रुपये की सीमा होनी चाहिए थी। लेकिन स्टैंडर्ड डिडक्शन की राहत सराहनीय है। यह बजट मिला जुला है। कहीं कर्मियों को आहत किया गया है तो कहीं राहत दी गई है।
22- बिजली बोर्ड के अधिकारी धर्मपाल गुप्ता का कहना है कि प्रत्यक्ष आयकर में मध्यम वर्ग के कर्मचारियों को विशेष लाभ नहीं हुआ है और आयकर की सीमा 3 लाख 50 हजार होनी चाहिए थी। ऐसे में यह बजट कर्मचारियों के हितों का नहीं है। इसके अलावा मध्यवर्गीय परिवार भी आहत हैं।
23-अनुपम शर्मा प्रवक्ता के अनुसार स्टैंडर्ड डिडक्शन का प्रावधान सराहनीय है परंतु आयकर की सीमा 4 लाख रुपये होनी चाहिए थी। नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर एकलव्य स्कूल खोलने की सरकार की पहल पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पढ़ाई के द्वार खुलेंगे।
24-रिटायर्ड सीएमओ बलदेव ठाकुर का कहना है स्वास्थ्य सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने का सरकार का फैसला सराहनीय है। देश के 10 करोड़ गरीब और वंचित परिवारों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना शुरू होने से स्वास्थ्य सेवाओं को बल मिलेगा।
25- ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर (सेवानिवृत) ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र में किसानों को समर्थन मूल्य में 1.5 गुना बढ़ोतरी कर अच्छा कदम उठाया है। वहीं सरकार युवाओं के लिए 70 लाख नौकरियों का प्रावधान किया जा रहा है। बजट सभी वर्गों के लिए अच्छा है।

गृहिणियां
32- अनिता देवी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत आठ करोड़ महिलाओं को निशुल्क गैस कनेक्शन देना सराहनीय कदम है। लेकिन, सरकार को महंगाई को रोकने के लिए अधिक प्रभावशाली कदम और करों में छूट प्रदान करनी चाहिए थी। जिससे आम लोगों को राहत मिलती।
33- किरणा कुमारी ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को चार करोड़ बिजली कनेक्शन की सुविधा मिलना सही निर्णय है। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम करके सरकार ने राहत प्रदान करने की कोशिश की है। लेकिन सेविंग्स में कुछ खास नहीं हो सका है।
34-मंडी की सपना देवी ने कहा कि महिलाओं को आयकर में दी जाने वाली छूट की सीमा को बढ़ाई नहीं गई है। जिससे महिलाएं आहत हैं। ऊपर से टीवी, लैपटॉप आदि की कीमतों को बढ़ाकर मध्यवर्गीय परिवारों की जेब पर भारीपन ला दिया है। हालांकि कई उत्पाद सस्ते भी होंगे।
35-सरोज कुमारी ने 70 लाख लोगों को रोजगार मुहैया करवाने की सरकार की पहल पर खुशी जताई है। लेकिन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर सेस की दर एक फीसदी बढ़ाने पर रोष भी जताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर अधिक देने का प्रावधान भी नहीं है।
36- किरण शर्मा के मुताबिक महिला कर्मियों के लिए पीएफ कटौती आठ फीसदी सही भी है और नहीं भी। अब हाथ में सैलरी अधिक आएगी। लेकिन, सेविंग कम होगी। सरकार सेविंग और खर्चे को बैलेंस रखने का काम कर रही है। पैसा अधिक आने से खर्च भी अधिक होगा।
37- ईशा कुमारी ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी साल दर साल बढ़ता जा रहा है। जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। शिक्षा के व्यापारीकरण को रोकने के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

युवा
38- कमलेश ठाकुर ने कहा कि शिक्षा के सुधार पर जमीनी तौर पर कार्य नहीं हो पाया है। बजट में हालांकि रोजगार और अन्य क्षेत्रों में भाग्य आजमाने के मौके दिए हैं। लेकिन यह सफल हो पाएंगे या नहीं समय ही बताएगा।
39-संजू चौहान ने कहा कि हर तीन संसदीय क्षेत्रों पर मेडिकल कालेज और संस्थान देने के सरकार के प्रयास सराहनीय है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की आस जगेगी। साथ ही युवा पीढ़ी को राहत मिलेगी।
40- सवित्री कुमारी ने कहा कि सरकार गांवों को डिजिटल बनाने के लिए लाखों की लागत से वाईफाई देने की बात करती है दूसरी ओर मोबाइल महंगे करने की कवायद सही नहीं है। सही बजट देने में सरकार नाकाम साबित हुई है।
41- कैलाश ठाकुर ने कहा कि बजट अच्छा है। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 19 से 17 कर दी है। टैक्स कम होने से युवा खुश हैं। इससे महंगाई में भी राहत मिलेगी। रोजमर्रा के उत्पाद भी सस्ते होंगे।
42-यमुना कुमारी ने कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस बजट को सही तरीके से तैयार किया गया है। जिससे देश की जीडीपी मजबूत होगी और देश मजबूत होगा। हालांकि मध्यमवर्ग के लिए यह बजट सही नहीं रहा है।
43- लीलाधार ने कहा कि सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में 2 करोड़ नौकरी देने की बात कही है। बजट में 70 लाख नौकरी देने की बात सामने आई है। शेष एक करोड़ से अधिक बेरोजगार क्या करें? पढ़ा लिखा तबका क्या चाय या सब्जियों की रेहड़ी लगाकर काम करे।
44- सुंदरनगर की वास्तुकार दिव्या डोगरा का कहना है कि केंद्रीय बजट में सरकार ने स्वरोजगार कर आजीविका कमाने वाली महिला वर्ग को कोई राहत नहीं दी है। सरकार से उम्मीद जताई जा रही थी कि वह बढ़ती महंगाई को देखते हुए महिलाओं को आयकर में दी जाने वाली छूट की सीमा को बढ़ाएगी। लेकिन ऐेसा कुछ भी नहीं हुआ है।
45-सुंदरनगर की गृहिणी मंजू बाला सैनी का कहना है कि केंद्र सरकार के बजट में बढ़ती महंगाई को कम करने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। खाने पीने की चीजों के दामों में बढ़ोतरी से गृहिणियों के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। दाल, चावल, प्याज और सिलिंडर के दामों में बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग को परिवार का भरण पोषण करने मुश्किल हो गया है।

किसान बागवान
46-बागवान हंसराज ने बजट में खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के लिए आवंटन की राशि दोगुनी करने पर खुशी जताई है। विशेष रूप से कृषि प्रसंस्करण और वित्तीय संस्थानों को बढ़ावा दिए जाने की बात सराही है।
47-किसान कपिल शर्मा ने बजट में खरीद की फसलों को उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुणा कीमत पर लेने का फैसला लिया है। कहा कि इससे किसानों की आर्थिकी बेहतर होगी।

48- किसान दीवान चंद ने टमाटर, प्याज जैसी साल भर प्रयोग होने वाली वस्तुओं के लिए ऑपरेशन फ्लड की तर्ज पर आपरेशन ग्रीन लांच करने की सरकार की पहल को सराहा है। मत्स्यपालन एवं पशुपालन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास पर भी संतोष जताया है।
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