मंडी। भाजपा को चारों संसदीय क्षेत्रों में सर्वाधिक जीत का तोहफा देने वाले मंडी संसदीय क्षेत्र के वोटरों की निगाहें अब मुख्यमंत्री को तलाशने लगी हैं। इस संसदीय क्षेत्र से 17 में से 14 सीटें निकालकर सूबे में भाजपा की सत्ता की राह आसान बनाने पर सबसे अधिक मंत्रिपद की मांग और पैरवी भी तेज हो चुकी है। चुनावों की अग्निपरीक्षा से तपकर सफल निकलने के बाद धुरंधर समर्थकों और जनता की इस आस में पास होने के लिए मंत्री पद या किसी बड़े ओहदे की दौड़ में शामिल होकर कहीं न कहीं आमने-सामने हैं। तो ओहदे पाने की इस रोचक दौड़ में जनता की सबसे पैनी निगाहें मंडी सदर पर हैं। कांग्रेस से बागी सुखराम परिवार रिकॉर्ड जीत का दम भरते हुए जीत का इनाम पाने के लिए कौन सा मंत्री पद पाते हैं, वोटरों को इसका ही बेसब्री से इंतजार है और यही राजनीति के गलियारों में चर्चा का विषय भी है। 2017 विधानसभा चुनावों में मंडी संसदीय क्षेत्र का जादू चला है। यहां से दो मंत्रियों और दो सीपीएस को धूल चटाने के बाद चौदह सीटें भाजपा को मिली हैं। जिसमें मंडी कांग्रेस का गढ़ मंडी सदर और द्रंग भी है। मंडी में कांग्रेस 10-0 से पिछड़ी है तो कुल्लू में तीन और भरमौर की 01 सीट भी भाजपा को मिली है। जोगिंद्रनगर के आजाद प्रत्याशी प्रकाश राणा का नाम भी भाजपा की फेहरिस्त में शामिल हो चुका है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र से भाजपा 12 सीटों के साथ दूसरे, हमीरपुर 11 सीटें लेकर तीसरे और शिमला संसदीय क्षेत्र से 8 के साथ चौथे नंबर पर है। ऐसे में मंडी संसदीय क्षेत्र से आलाकमान से वोटरों की उम्मीदें भी अधिक हैं।
2007 में नई सरकार में मंडी के बने थे तीन मंत्री
2007 में भाजपा ाकी नई सरकार में भी मंडी जिला के तीन विधायकों को मंत्रिपद मिले थे। इन चुनावों में मंडी में भाजपा को छह सीटें आई थी। जबकि हीरालाल करसोग से आजाद लड़े थे, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। 7 सीटें काबिज होने के बाद यहां जयराम, गुलाब सिंह ठाकुर और महेंद्र सिंह को मंत्री पद मिला था।
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जीत के बाद भी बढ़ी धुकधुकी, अगला दिन कुछ यूं बीता
मंडी। चुनावों में जीत हासिल तो कर ली है लेकिन टेंशन कम नहीं हुई है। धुरंधर नेताओं की धुकधुकी मंत्रीपद की आस में अधिक बढ़ गई हैं। जीत का अगला दिन मंडी के धुरंधरों में से कुछ ने पूजा अर्चना के साथ मनाया तो कुछ ने वोटरों का थैंक्स किया।
वोटरों और जनता को तोहफे का इंतजार: जयराम
सिराज से पांच बार लगातार जीतने वाले जयराम मंगलवार सुबह टारना मंदिर पहुंचे और मां का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह शिमला की तरफ कूच कर गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में भी मंडी से तीन मंत्री और दो सीपीएस रहे हैं। इससे पहले भाजपा मंत्रिमंडल में भी अधिक स्थान मंडी संसदीय क्षेत्र के नेताओं को मिला है। मंडी संसदीय क्षेत्र से 14 सीटें देकर इस बार तो भाजपा ने रिकार्ड जीत दी है। जिसके इनाम के इंतजार में वोटर भी हैं और नेता भी हैं। सीएम पद के बारे में उन्होंने कहा कि जो आलाकमान को मंजूर होगा उसे मानूंगा।
धर्मपुर को जिम्मेवारी अवश्य मिलेगी : महेंद्र
धर्मपुर से लगातार जीत का सत्ता लगाने वाले पूर्व मंत्री और विधायक महेंद्र सिंह ने पूरा दिन कार्यकर्ताओं के साथ बिताया। दोपहर बाद शिमला रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि सातवीं जीत उनकी नहीं बल्कि, धर्मपुर की जनता की जीत है और इस जीत का श्रेय धर्मपुर की जनता को जाता है। शिमला में पार्टी की बैठक है। पार्टी जो भी फैसला करेगी उसके अनुसार कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्मपुर को जिम्मेवारी अवश्य मिलेगी यह तय है ।
अनिल शर्मा को भी जीत के इनाम का इंतजार
कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल शर्मा ने कहा कि मंडी सदर में ही नहीं भाजपा ने पूरे जिला में 10-0 का क्लीन स्वीप का रिकॉर्ड कायम किया है। मुख्यमंत्री और कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया है। इतनी बड़ी जीत में सुखराम फेक्टर भी अहम रहा है। इतनी बड़ी जीत के इनाम का सुखराम परिवार को भी बड़ी बेसब्री से इंतजार है। अनिल शर्मा दोपहर तक कार्यकर्ताओं से घिरे रहे। आभार जताने के बाद वह भी दोपहर बाद शिमला के लिए रवाना हो गए। इसके अलावा सरकाघाट से जीत की हैट्रिक लगाने वाले कर्नल इंद्र सिंह के अलावा बल्ह से इंद्र सिंह गांधी, नाचन से दूसरी बार जीतने वाले विनोद कुमार, सुंदरनगर से राकेश जम्वाल, करसोग से विजेता प्रत्याशी हीरा लाल के भी शिमला रवाना होने की सूचना है।