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Mandi News: हाइब्रिड सम्मेलन में 260 शोध पत्र प्रस्तुत

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समावेशी और सतत भारत पर किया चिंतन
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सरकाघाट कॉलेज में हुआ कार्यक्रम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। रविंद्रनाथ राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट के वाणिज्य विभाग की ओर से शुक्रवार को प्रगतिशील, समावेशी एवं सतत भारत 2047 विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। हाइब्रिड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) माध्यम से आयोजित सम्मेलन में देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. ओसी हांडा ने विकृत इतिहास और शब्दावली के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए ब्रिटिश इतिहास लेखन के प्रभाव को रेखांकित किया। मुख्य संरक्षक एवं धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने ऑनलाइन संबोधन में एआई, वित्त, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने ग्रामीण विकास के लिए ठोस योजनाओं और स्पष्ट रोडमैप की आवश्यकता पर बल देते हुए वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
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सम्मेलन के प्रमुख वक्ता डॉ. राज कुमार सिंह ने विकसित भारत 2047 के विभिन्न आयामों जैसे आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन, सांस्कृतिक संरक्षण, तकनीकी प्रगति, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण पर विचार साझा किए। तकनीकी सत्रों में देशभर से प्रतिभागियों ने लगभग 260 शोध-पत्र प्रस्तुत किए, जबकि चार विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। कुल सात तकनीकी सत्र हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किए गए। सम्मेलन के संयोजक डॉ. शक्ति चंद ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बाहरा विश्वविद्यालय सोलन के पूर्व कुलपति डॉ. विजय कुमार शर्मा ने कहा कि विकसित भारत केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि शिक्षा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है। समापन अवसर पर डॉ. अरुण शर्मा ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें प्राचार्य डॉ. आरआर कौंडल, धर्मपुर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी धलारिया, बलद्वाड़ा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ललित गुलेरिया, बबीता चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।
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