जोगिंद्रनगर (मंडी)। स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में आईजीएमसी शिमला से पोस्ट ग्रेजुएट और सीनियर रेजिडेंट की उपाधि हासिल करने वाले 26 अतिरिक्त विशेषज्ञों की तैनाती की है। मगर पीलिया के कहर से जूझ रहे नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में एक भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं हुई। इससे क्षेत्रवासियों में भारी रोष है।
बीते एक माह में जोगिंद्रनगर उपमंडल में 200 से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। दो लोगों को पीलिया के कारण जान भी गवानी पड़ी है। इसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग ने यहां मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग ने कांगड़ा, शिमला, चंबा, बिलासपुर, मंडी, और सिरमौर के अस्पतालों में विशेषज्ञों की तैनाती की अधिसूचना जारी की है।
मंडी जिले के 100 बिस्तरों वाले जोगिंद्रनगर अस्पताल में किसी भी विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने पर क्षेत्रवासियों में नाराजगी है। बता दें कि जोगिंद्रनगर में मेडिसिन, चर्म और आंख रोग विशेषज्ञों की कमी के कारण गंभीर मरीजों को कांगड़ा और मंडी के सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाना पड़ता है।
रोटेरियन अजय ठाकुर और व्यापार मंडल अध्यक्ष भास्कर गुप्ता ने जोगिंद्रनगर अस्पताल में विशेषज्ञों की नियुक्ति न होने पर हैरानी जताई और सरकार और स्वास्थ्य विभाग से रिक्त पदों पर तत्काल विशेषज्ञों की नियुक्ति की मांग की। उपमंडल में जोगिंद्रनगर अस्पताल के अलावा कोई बड़ा निजी अस्पताल भी नहीं है। इससे मरीज इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। मगर यह भी बेहतर सुविधाएं न मिलने पर मरीज टांडा, पालमपुर, मंडी और नेरचौक का रुख करते हैं।
उधर, विधायक प्रकाश राणा ने कहा कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने जोगिंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र से सौतेला व्यवहार किया है। कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर ने भी जोगिंद्रनगर अस्पताल में रिक्त पदों पर विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए स्वास्थ्य सचिव से पत्राचार करने की बात कही है।