अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। सीएम के गृह जिला का सबसे बड़ा अस्पताल करीब तीन माह से बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ के चल रहा है। ऐसे मेें केवल मंडी जिला ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों की महिलाओं को भी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं की तो जान पर ही बन गई है। आलम यह है कि गर्भवती महिलाएं और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त महिलाओं को कुल्लू से मंडी, मंडी से नेरचौक और नेरचौक में भी सुविधा नहीं मिलने के चलते शिमला या फिर टांडा रेफर किया जा रहा है। इतनी गंभीर स्थिति में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि सीएम अपने ही जिले में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उधर, गायनी वार्ड में रोजाना 100 से 200 ओपीडी हो रही है। इनमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं हैं, मगर प्रशिक्षु डाक्टरों को अथॉरिटी नहीं होने के कारण अधिकतर केस नेरचौक भेजे जा रहे हैं। यहां पर भी ओपीडी अधिक हो रही है और गंभीर केसों को शिमला और टांडा के लिए ही रेफर किया जा रहा है। भुगतभोगियों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं देनी थीं तो बड़े बड़े संस्थान खोलकर जनता को क्यों गुमराह किया जा रहा है? अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर लोगों में सरकार के प्रति रोष है।
जल्द जा सकते हैं प्रशिक्षु डॉक्टर
जोनल अस्पताल में डीएनवी करने पहुंचे प्रशिक्षु डॉक्टर भी जल्द ही यहां से जा सकते हैं। क्योंकि इतने महीनों से यहां पर कोई भी डॉक्टर नहीं होने के चलते इनको गाइडलाइन देने वाला कोई नहीं है। ऐसे में इनके प्रोजेक्ट भी लटक गए हैं। प्रशिक्षु डॉक्टरों में डॉ. सुमंता, डॉ. अंचल, डॉ. विजय पनजान और डॉ. वसुंधरा जो इस समय मंडी जोनल अस्पताल की गायनी ओपीडी संभाले हुए हैं, ने बताया कि किसी उच्च डॉक्टर की अध्यक्षता में ही कार्य की देख-रेख करनी होती है। तीन माह होने को हैं और अब तक यहां कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं आए हैं।
चिकित्सक उड़ा रहे आदेशों की धज्जियां
जानकारी के मुताबिक सरकार की ओर से अब तक जोनल अस्पताल में चार गायनी डॉक्टरों को आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन डॉक्टर आदेशों को नहीं मान रहे हैं। कुछ डॉक्टरों ने स्टे ले लिया है तो कुछ डॉक्टर अपनी मजबूरियों का बास्ता देकर यहां पर नहीं आ रहे। ऐसे में सरकार की प्रशासनिक पकड़ पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
जल्द डॉक्टर मिलने की उम्मीद : एमएस
जोनल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक केएस मल्होत्रा ने कहा कि अब तक कई डॉक्टरों को यहां पर आने के आदेश हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया है। सरकार और विभाग को स्थिति के बारे में पूरी जानकारी है। जल्द यहां डॉक्टर की तैनाती होने की उम्मीद है।