कोटरोपी में दुश्वारियों का आलम ऐसा है कि यातायात बाधित होने से पहाड़ी के साथ लगते गांव बड़वाहन में शादी समारोह दौरान बिहारी लाल के बेटे की बारात भी पैदल पहाड़ी को पार कर दूसरे छोर पर पहुंची। ग्रामीणों ने दूल्हे को पालकी में बिठा कर पहाड़ी को पार किया। गत 120 घंटों से कोटरोपी के पास बंद नेशनल हाइवे को बहाल करने का कार्य अभी भी शुरू नही हो पाया है। मार्ग के लगातार बंद रहने से स्थानीय ग्रामीणों सहित आम यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग विभाग के अधिकारियों की माने तो अभी और बारिश की संभावना के चलते यहां घटनास्थल की निगरानी की जा रही है।
बीते बुधवार देर शाम को यहां बारिश होने के बाद वीरवार को मौसम पूरी तरह साफ रहा। लेकिन घटनास्थल से पानी और मलबे की दलदल का रेला बार बार भयंकर रूप धारण कर नीचे नाले में बहता रहा। मौके पर तैनात होमगार्ड के जवानों ने लाउड स्पीकर के माध्यम से पंदलाही गांव के ग्रामीणों को सतर्कता बरतने के दिशा निर्देश दिए। उधर, नेशनल हाइवे के बंद रहने से लोग फिर पैदल सफर को मजबूर हुए। प्रशासन द्वारा भले ही दिन के तीन समय जोगिन्द्रनगर से उरला के लिए निगम की बस सेवा शुरू की गई हैं। लेकिन लंबे अंतराल के चलते लोगों को पैदल सफर करना पड़ा। निगम द्वारा शुरू की स्पेशल बसों की समयसारिणी स्कूल टाइम से मेल न खाने से अधिकांश बच्चे पैदल ही स्कूल पहुंचे। जबकि कॉलेज और आईटीआई के लिए जोगिन्द्रनगर जाने वाले विद्यार्थियों को फिर परेशानी से जूझना पड़ा। लोग फिर मालवाहक वाहनों और टैक्सियों में छत पर सफर करने को मजबूर हुए।