मंडी। रेहड़ी फड़ी यूनियन ने नगर परिषद मंडी पर आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह तंग किया जा रहा है। शहर के अधिकतर हिस्सों से उन्हें मनमर्जी से नोटिस जारी कर बेदखल किया जा रहा है। कहा कि टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक के बिना उन्हें हटा दिया गया। इंदिरा मार्केट, पड्डल, गुरुद्वारा और केनरा बैंक चौक पर से रेहड़ी फड़ी धारकों को बेदखल कर दिया गया है। इसका रेहड़ी फड़ी धारकों ने रविवार को बैठक कर विरोध जताया। कहा कि रेहड़ी फड़ी धारकों के लाइसेंस नवीनीकरण में भी पक्षपात किया जा रहा है। डिजिटल लाइसेंस के लिए नगर परिषद ने 1000 रुपये की फीस वसूल की लेकिन अभी तक उन्हें लाइसेंस जारी नहीं किए गए। बैठक में अन्य मसलों पर भी चर्चा की। रेहड़ी फड़ी यूनियन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से रेहड़ी फड़ी धारकों को डिजिटल लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि रेहड़ी फड़ी विक्रेताओं से लाइसेंस की फीस 1000 रुपये प्रति व्यक्ति ली गई है। वायदे के अनुसार अब तक 30 से अधिक रेहड़ी फड़ीधारकों को लाइसेंस जारी नहीं किए हैं। नगर परिषद की इस मनमानी से रेहड़ी फड़ी धारकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नगर परिषद से मांग की है कि जल्द सभी रेहड़ी फड़ी धारकों को लाइसेंस जारी किए जाए। साथ ही नए रेहड़ी फड़ी धारकों को भी पंजीकरण किया जाए।