जंजैहली (मंडी)। सिराज विधानसभा क्षेत्र के काढ़ी कल्वाडा गांव में वीरवार दोपहर करीब दो बजे आग से तीन मंजिला स्लेटनुमा मकान जलकर राख हो गया है। आग इतनी भयंकर थी कि कुछ ही समय में सब जल गया। इस मकान में नौ कमरे थे और तीन परिवार के डेढ़ दर्जन से अधिक लोग रह रहे थे। जो बेघर हो गए हैं। वहीं तीन गौशालाएं भी थीं। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। प्रशासन ने प्रत्येक परिवार को दस दस हजार की फौरी राहत जारी कर दी है। वहीं सिर छुपाने के लिए चार टेंट की व्यवस्था भी की गई है। तीनों परिवार कड़कड़ाती ठंड में टेंट में रातें गुजारने को मजबूर होंगे। इस हादसे में पांच से सात लाख के नुकसान का अनुमान है। प्रभावितों का दावा है कि आग में करीब एक लाख की नकदी भी स्वाह हुई है। हालांकि, राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। आग के वक्त पूरा परिवार खेतों में था। अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता है। सूचना मिलते ही गांव के लोग एकत्र हो गए और मकान को आग से बचाने के लिए लग गए। लेकिन, वे मकान को आग से बचा नहीं पाए। वहीं लोगों ने बड़ी मुश्किल से प्राकृतिक स्रोत से पानी लाकर और मिट्टी के बेलचों से आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंचे पटवारी हंसराज ने कहा कि मकान काष्ठकुणी शैली में बना था। जिसमें 9 कमरे और तीन गौशालाएं थीं। एक लाख की नकदी समेत सात लाख के नुकसान का अनुमान है। प्रभावित परिवारों को दस दस हजार फौरी राहत और 4 टेंट दे दिए गए हैं।
आंखों के सामने जल गए आशियाने
इस मकान में वेदराम और उनके परिवार के नोक सिंह, दूनी चंद, सरण दास और नरोत्तम रह रहे थे। जबकि देवी सिंह के परिवार में भी नोक सिंह, खेमराज रहते थे। वहीं जमुला देवी और उनके परिवार के टिक्कम सिंह और फतेह सिंह और उनकी फैमिली रह रही थी। प्रभावितों का कहना है कि इनकी उम्र भर की कमाई जलकर राख हो गई है। मवेशियों को भी बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका है। सुविधाओं के अभाव में उन्होंने अपने आशियानों को अपनी आंखों के सामने जलते देखा।
सीएम के गृह क्षेत्र का हाल
न सड़क, न अग्निशमन केंद्र
आग बुझाने के लिए आधा किमी दूर बावड़ी से लाना पड़ा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी/जंजैहली। नई सरकार के सीएम जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र सिराज के दुर्गम गांवों में आपात स्थिति से निपटने के लिए ग्रामीणों को भगवान भरोसे रहना पड़ता है। आग जैसी स्थिति में बचाव के लिए यहां कई गांवों तक सड़क सुविधा नहीं है। अगर सड़क सुविधा हो भी तो वहां तक जल्द पहुंचने के लिए सिराज में कोई दमकल केंद्र नहीं है। हालात इसलिए भी बेहद चिंताजनक हैं अगर ग्रामीण बचाव कार्य के लिए जुट जाएं तो वहां पानी ही नहीं है। वीरवार दोपहर काढ़ी कल्वाडा में लगी आग ने सिराज के दुर्गम क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने के बंदोबस्त की पोल खोलकर रख दी है। यह गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ सका है। यहां शिवा थाना पंचायत से सड़क निकलनी है। लेकिन, बजट की पेचीदगियों में यहां सड़क नहीं बन सकी है। वहीं न ही सिराज में अग्रिशमन केंद्र नहीं है। जिससे की तुरंत आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा सकें। अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद पानी कभी कभार आता है। ऐसे में लोगों को करीब आधा किमी दूर से आग बुझाने के लिए पानी की इंतजाम करना पड़ा। ग्रामीणों ने एकत्र होकर पेयजल स्रोत तक कड़ी बनाई और पानी की व्यवस्था की। अगर ऐसा नहीं होता तो गांव तक जल सकता था। उपप्रधान डहलराम ने कहा कि शिवा थाना पंचायत से गांव को रास्ता निकलना है। तीन साल हो गए हैं। बजट का अभाव है। रास्ता नहीं बना है।
2001 में जल गया था पूरा केउली गांव
सिराज विधानसभा क्षेत्र में लोगों की आंखों के सामने ही उनके आशियाने जल कर राख हो जाते हैं। लेकिन, यहां फायर स्टेशन नहीं बना है। 24 अक्तूबर 2001 को सराज के केउली में पूरा गांव जल कर राख हो गया था, जिसमें 72 परिवार बेघर हो गए थे। जबकि करीब दो माह पहले सिराज के डाहर में लगी आग से 33 परिवार बेघर हुए थे। लेकिन, यहां अग्निशमन केंद्र व अन्य सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। प्रधान लंबाथाच चमन लाल और उप प्रधान खजान सिंह, प्रधान थुनाग नीलमा ठाकुर और उपप्रधान खेम सिंह, प्रधान बहलीधार ओम चंद, प्रधान पखरैर दीनानाथ, उप प्रधान खेम सिंह ने अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग की है।