मंडी। नया साल और नई सरकार। इस दफा पहले की अपेक्षा जिले के लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं। पहली बार मंडी को सीएम की कुर्सी मिली तो उम्मीदें भी दोगुना हैं। सालों से लटके पड़े प्रोजेक्ट और नई योजनाओं को सिरे चढ़ने की कवायद तेज होने की उम्मीदें जिलावासियों को है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी और बिजली और मूलभूत सुविधाओं के साथ ही पर्यटन और देव संस्कृति के संरक्षण की आस भी लोगों में हैं। ऐसी कई योजनाएं हैं जो पूरी होने को हैं और कई ऐसी जो नए वर्ष में शुरू होंगी। नए वर्ष में पर्यटन को पंख तो शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की आस है।
24 घंटे पानी का सपना होगा पूरा
महत्वाकांक्षी ऊहल परियोजना का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही मंडी शहरवासियों का 24 घंटे पानी का सपना भी पूरा होगा। जिले के धर्मपुर और सरकाघाट क्षेत्र में सबसे अधिक पेयजल किल्लत पेश आती है। टिहरा क्षेत्र में कांढापतन-अवाहदेवी स्कीम की पेयजल लाइनें टूटने से अकसर दिक्कतें पेश आती हैं। आईपीएच मंडल सरकाघाट से इस योजना के लिए नई पाइपलाइन डालने की प्रपोजल निदेशालय को सौंपी है। वहीं, पारच्छु में चेकडैम, झरेड़ा मंडप में सिंचाई योजना, तीन से चार पेयजल स्कीमों को केंद्र सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसका बजट लगभग 580 करोड़ है। वहीं, आईपीएच मंडल कार्यालय धर्मपुर लाने की कवायद भी पूरी हो सकती है। इसे लेकर गत सरकार की कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है। स्थानीय विधायक महेंद्र ठाकुर को आईपीएच विभाग मिलने से अब मंडल कार्यालय मिलना तय माना जा रहा। सिंचाई योजना बहरी-मढ़ी-ध्वाली का 80 फीसदी कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही फरवरी माह मेें यह योजना लोगों को मिलने की उम्मीद है।
सड़कें
जिले में फोरलेन निर्माण प्रगति पर है। मंडी जिले के तहत 26 नई सड़कों और 2 सड़कों की अप-ग्रेडेशन के प्रस्ताव केंद्र को मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। इन सड़कों पर 77.97 करोड़ का बजट खर्च होगा और इसकी डीपीआर बनाकर केंद्र को सौंप दी गई है। नेशनल हाईवे टिहरा-संधोल-मढ़ी धर्मपुर, सुजानपुर-स्योह-संधोल धर्मुपर भी स्वीकृत हुए हैं। इनका कार्य भी नववर्ष में शुरू हो सकता है। वहीं, सीआरएफ के तहत बन रही कमलाह-मढ़ी वाया धर्मपुर बरोटी सड़क का 70 फीसदी कार्य भी पूरा हो गया है। यह नववर्ष में पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, राष्ट्रीय उच्च मार्ग जालंधर-मंडी वाया कोटली के लिए 800 करोड़ स्वीकृत हुआ है। इसका कार्य शुरू होने की उम्मीद है। सुंदरनगर में फोरलेन का निर्माण लगभग पूरा होने को है। वहीं, बाईपास का निर्माण भी शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। इसके साथ ही सेरी कोठी और भटवाड़ा को भी सड़क सुविधा मिलेगी। सड़क निर्माण जारी है। पुंघ-तलेली एनएच की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इसका निर्माण भी जल्द होने की उम्मीद है।
शिक्षा
क्लस्टर यूनिवर्सिटी मंडी के लिए प्रदेश सरकार से करोड़ों स्वीकृत होने के बाद अब नए साल में प्रशासनिक मंजूरी मिलने पर प्रशासनिक भवन का शिलान्यास हो सकता है। यूनिवर्सिटी के ड्राफ्ट एक्ट को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। ड्राफ्ट एक्ट के मंजूर होते ही आगे की कवायद शुरू हो जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में सूबे के मध्य जोन के जिलों के लिए यह बड़ा तोहफा होगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज नेरचौक में एमसीआई दूसरे बैच की कक्षाएं शुरू करने की मंजूरी भी प्रदान कर सकती है। इसे लेकर भी कॉलेज प्रबंधन औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है।
स्वास्थ्य
मेडिकल कॉलेज नेरचौक में नए वर्ष में ओपीडी की सुविधा मरीजों को मिलेगी। वहीं, यहां पर स्वीकृत लेबल वन के ट्रामा सेंटर का निर्माण भी शुरू होगा। सुंदरनगर में मातृ शिशु अस्पताल का शिलान्यास हाल ही में हुआ है। इस प्रोजेक्ट के साढ़े 12 करोड़ स्वीकृत हुआ है। इसके साथ ही सीएचसी डैहर में निर्माण कार्य तेजी पर है। यह नववर्ष में पूरा हो सकता है। वहीं, जोनल अस्पताल में करोड़ों की लागत से बन रहे मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण भी नववर्ष में पूरा हो सकता है।
बिजली
जिले के धर्मपुर क्षेत्र में अरसे से चली आ रही बिजली की समस्या दूर होगी। क्षेत्र में हमीरपुर 132 केवीए सबस्टेशन से सप्लाई आती थी। लेकिन, डिमांड अधिक होने से वोल्टेज की समस्या पेश आती है। इसी को दूर को करने के लिए प्रपोजल सरकार को भेजा है। इसे भी लगभग मंजूरी मिल चुकी है।
पर्यटन
जिला पर्यटन अधिकारी स्मृतिका ठाकुर ने कहा कि जंजैहली घाटी के शिकारी देवी एरिया को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्लान तैयार किया गया है। यहां पर दो करोड़ के लगभग प्रपोजल तैयार कर निदेशालय को सौंपी गई है। मांगे गए बजट में मंडी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग पहलु को रखा गया है। इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को पर्यटन के पेशे से जोड़ने के लिए तीन लाख के लगभग बजट खर्च किया जाएगा। इसके लिए युवाओं से आवेदन लिए गए हैं। वहीं, झीड़ी नेचर पार्क को विकसित करने के लिए 50 लाख की किस्त भी विभाग को मिल गई है। इसे जल्द ही संबधित विभागों को जारी किया जाएगा। वहीं, शिमला और मंडी में पर्यटन को प्रमोट करने के लिए इवेंट का आयोजन किया गया है।
देव संस्कृति एवं धरोहरें
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में रियासतों के दौर को खत्म होने के सात दशक बाद भी देवताओं और देवलुओं को छत नहीं मिल सकी है। अब नए साल में कांगणीधार में संस्कृति सदन का कार्य शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, पहली दफा देवताओं की स्मारिका छापने की पहल सर्वदेवता कमेटी ने की है। इसके अलावा करोड़ों से संवारी जा रही ऐतिहासिक धरोहरों को कार्य भी लगभग पूरा होने को है। शहर में ऐतिहासिक विजय हाई स्कूल, रियासतकालीन चौहाटा बाजार और विक्टोरिया ब्रिज के सौंदर्यीकरण का कार्य भी लगभग पूरा कर लिया गया है।