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वन निगम की शर्तें नामंजूर, टेंडर प्रक्रिया से रखा दूर

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पधर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम मंडी मंडल के लेबर सप्लाई ठेकेदारों की संयुक्त बैठक उपाध्यक्ष हेम सिंह रावत की अध्यक्षता में हुुई। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने निगम की वर्ष 2019 सीजन के लिए ईल्ड बेस (बिरोजा निकासी का लक्ष्य) और खाली टीनों सहित टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने का बहिष्कार कर दिया है। संघ ने वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर को थोपी गई शर्तों को वापस लेने को ज्ञापन भी सौंपा है। संघ का कहना है कि ईल्ड बेस पर बिरोजा निकासी का कार्य संभव नहीं है। कहा कि ईल्ड पर लेबर दो हजार से ऊपर रेट मांगती है। ऊपर से लेबर सप्लाई मेटों पर निगम ने खाली टीनों की शर्त को व्यर्थ में डाल रखा है। निगम 20 रुपये खाली टीन दे रहा है, जबकि निगम खुद 37 से 40 रुपये में खाली टीन ले रहा था। उन्होंने कहा कि लेबर सप्लाई मेट जीएसटी की हर महीने रिटर्न भरने में भी सक्षम नहीं हैं। उपाध्यक्ष रावत ने वन निगम में ई-टेंडरिंग का पूर्ण रूप से विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि इस कार्य को पूर्व की भांति ट्रक यूनियन के माध्यम से टेंडर के जरिये करवाएं। उन्होंने कहा कि वन निगम हर वर्ष पुराने जंगलों से ईल्ड को बढ़ा रहा है। ऐसे जंगलों में बूढ़े पेड़ों से ईल्ड पूरी नहीं हो पाती और निगम इसकी कटौती बाद में बिलों से करता है, जो न्यायसंगत नहीं। बिरोजा निकासी टारगेट से कम होती है तो इसमें प्राकृतिक कारण हावी रहते हैं। ऐसी परिस्थितियों में ज्वाइंट निरीक्षण करके राहत प्रदान की जाए। वर्ष 2018 की बिरोजा निकासी और लकड़ी के कार्य की जो भी पेमेंट बनती है उसका भुगतान 31 मार्च तक पूरा किया जाए।
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इस मौके पर देवी सिंह, दया राम, शेर सिंह, नानक चंद, देवी चंद, सनैहरू राम, रतन चंद, देवी सिंह, नंद लाल, राजेंद्र कुमार, हरीश कुमार, गोबिंद राम ठाकुर, राज कुमार, सुरेश कुमार, प्यार चंद, कश्मीर सिंह, रूप लाल ठाकुर, श्याम लाल, अनिल कुमार, नरपत राम, तुलशी राम, ओम प्रकाश भी मौजूद रहे।
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