गोहर(मंडी)। स्यांज के दासोट गांव में जातीय आधार पर हिंसा के आरोपों के तहत पुलिस ने आरोपी तिलक राज और उसके साथियों के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले को लेकर प्रभावितों में जालपु राम और स्थानीय लोग मंडी में पुलिस अधिकारियों से मिले और पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया। जिसके बाद पुलिस ने आगामी कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ एक अन्य धारा जोड़ दी है।
गौरतलब है कि शिकायतकर्ता जालपु राम के मुताबिक वह तीन सितंबर को अपनी बेटी के घर से अपनी ससुराल जा रहा था। रास्ते में गुग्गा जाहर पीर को तिलक राज के घर के बरामदे में देख कर रुक गया। उसने बरामदे में जाकर गुग्गा जाहर पीर को माथा टेका और बाहर आ गया था। जिसके बाद मारपीट की गई और परंपरा के मुताबिक बकरा मांगा गया। तर्क था कि दलित के माथा टेकने से देवता अपवित्र हो गए हैं। उधर, शिकातकर्ता ने पुलिस कार्यशैली पर भी आरोप लगाए थे। हालांकि पुलिस के मुुताबिक शिकायतकर्ता ने शराब पी रखी थी। वहीं जातीसूचक शब्दों से जलील करना या संबंधित कोई अन्य शिकयत नहीं दी थी। लेकिन प्रभावितों ने बुधवार को इस संबंध में शिकायत की और पुलिस ने आगामी कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभावितों ने मामला दबाने वाले पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी हितेश लखनपाल न कहा कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस पहले मारपीट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच कर रही थी। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।