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जन विज्ञान आंदोलन के समक्ष भारी चुनौतियां

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जन विज्ञान आंदोलन के समक्ष भारी चुनौतियां
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ज्ञान विज्ञान समिति की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में चिंतन
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति की राज्य कार्यकारिणी की बैठक और मंडी जिला का संगठनात्मक शिविर रविवार को संपन्न हुआ। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समता एवं सामाजिक न्याय जैसे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
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भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. ओम प्रकाश भूरेटा ने कहा कि इस समय जन विज्ञान आंदोलन के समक्ष भारी चुनौतियां हैं। वैज्ञानिक संस्थाओं का बजट कम किया जा रहा है। सामाजिक सेवाओं के बजट में कटौती की जा रही है। पिछले वर्षों में शिक्षा पर 38 प्रतिशत, स्वास्थ्य पर 34 प्रतिशत, आईसीडीएस पर 45 प्रतिशत, मनरेगा में 38 प्रतिशत और खाद्य सुरक्षा पर 29 प्रतिशत के बजट की कटौती हुई है। वहीं, सत्र का संचालन करते हुए उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर ने कहा कि 20 अगस्त को डॉ. दाभोल्कर की हत्या के 5 साल पूरा होने पर इस दिन को राष्ट्रीय वैज्ञानिक दृष्टिकोण दिवस के तौर पर मनाया जाएगा और इसी दिन सबका देश हमारा देश अभियान का दूसरा चरण भी शुरू किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र कपूर ने जन स्वास्थ्य पर अभियान को जानकारी देते हुए कहा कि समिति आने वाले समय में जन स्वास्थ्य सुविधाओं ओर स्वास्थ्य के ढांचे की पड़ताल करेगी। कहा कि 22-23 सितंबर को प्रदेश से 35-40 कार्यकर्ताओं का एक दल राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली राष्ट्रीय स्वास्थ्य सभा में हिस्सेदारी करेगा। कपूर ने बताया कि इस बार विश्व सभा 15-19 नवंबर को ढाका में होगी। उसमें भी राज्य का दल हिस्सा लेगा। राज्य कमेटी की बैठक और मंडी इकाई के संयुक्त संगठनात्मक सत्र को संबोधित करते हुए समिति के संस्थापक सदस्य भूपेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज में वैचारिक संघर्ष के लिये तैयार रहे। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति जिला इकाई मंडी के अध्यक्ष ललित शर्मा ने यह जानकारी दी।
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