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ईसीएच अस्पताल में पूर्व सैनिकों को नहीं मिल रही सुविधाएं

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सरकाघाट (मंडी)। पूर्व सैनिकों को सुविधाएं देने के लिए स्थापित ईसीएच अस्पताल में पिछले कई दिनों से मरीजों को असुविधाएं हो रही हैं। अस्पताल में मात्र एक ही डाक्टर होने के कारण मरीजों को दिनभर बारी के इंतजार में खड़े होना पड़ रहा है। इसके चलते सरकाघाट, टिहरा, अवाहदेवी, सज्याओपिपलू, चोलथरा तथा गद्दीधार के पूर्व सैनिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पॉलीक्लीनिक में केवल एक ही विशेषज्ञ चिकित्सक है तथा 80 से 90 वर्ष के बुजुर्गों को लाठी के सहारे घंटों लाइनों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में केवल दिन में 40 मरीजों का ही चेकअप किया जा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण पूर्व सैनिकों को दिनभर परेशान होना पड़ रहा है। डॉक्टरों की कमी और जरूरी दवाइयां नहीं मिलने के कारण पूर्व सैनिकों को निजी अस्पतालों में अपनी जेबें ढीली करनी पड़ रही है। इनको निजी वाहन करना पड़ रहा है और दवाइयां खरीदने में अतिरिक्त धन व्यय करना पड़ रहा है। पूर्व सैनिकों में मनोहर लाल, देशराज, दीनानाथ, पवन, राम लाल, रोशन लाल, कैप्टन मिलखी राम, कैप्टन धर्म सिंह, कश्मीर सिंह, हीरा लाल, कैप्टन टेक चंद, परमा राम, बंशी लाल ज्ञान चंद, हवलदार पूर्ण चंद, मस्त राम, ओम चंद, बख्शी राम, संजय कुमार, रोशन लाल आदि ने बताया कि पूर्व सैनिकों का एक हजार मेडिकल अलाउंस काटा जाता है, लेकिन उनको कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र ही समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई है। उधर, उक्त समस्या के बारे मेें अस्पताल के अधिकारी कर्नल रमेश चंद दूलिया ने बताया कि समस्या ध्यान में है। संबंधित विभाग से अन्य डाक्टरों की तैनाती के लिए मांग कर दी है। पॉलीक्लीनिक में ऑनलाइन मरीजों की पर्चियां काटी जा रही हैं, ताकि उन्हें लाइनों में न लगना पड़े।
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और विशेषज्ञों की जरूरत
पूर्व सैनिक कैप्टन नरेंद्र सिंह का कहना है कि सरकाघाट और धर्मपुर उपमंडलों में पूर्व सैनिकों की संख्या 20 हजार के करीब है। वर्तमान में ईसीएच अस्पताल में केवल एक ही डॉक्टर तैनात है। पूर्व सैनिकों की संख्या को देखते हुए और विशेषज्ञों की जरूरत है।

बढ़ रही रोगियों की संख्या
पूर्व सैनिक सूबेदार रमेश कुमार ने बताया कि ईसीएच अस्पताल में दिनों दिन रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जबकि यहां पर डाक्टरों की संख्या कम हो रही है। यहां पर कम से कम चार डाक्टर और नियुक्त किए जाने चाहिए।
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पूरा दिन लगता है अस्पताल में
पूर्व सैनिक सूबेदार जेसी आजाद ने कहा कि जब भी अस्पताल में आते हैं तो पूरा दिन यहीं पर कट जाता है। एक डाक्टर होने के कारण घंटों तक अपनी और परिजनों की बारी का इंतजार करना पड़ता है। कभी कभी तो दूसरे दिन भी आना पड़ता है।

एक चिकित्सक नियुक्त
हवलदार पवन परवारी ने बताया कि ईसीएच अस्पताल में 20 हजार के करीब सैनिकों के लिए केवल एक चिकित्सक नियुक्त किया गया है, जो पूरा दिन व्यस्त रहते हुए भी सभी रोगियों को नहीं देख पाता। इसलिए यहां पर कम से कम 4 डाक्टर और नियुक्त किए जाने चाहिए।
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