मंडी ब्लॉक में बीपीएल में शामिल अमीर परिवारों पर कसेगा शिकंजा
पक्का मकान, वाहन, 1 हेक्टेयर भूमि होने पर होंगे बीपीएल से बाहर
पात्र परिवारों को ही मिले बीपीएल सुविधा : बीडीओ
शिकायतों को लेकर प्रशासन सख्ती की तैयारी में
13 फरवरी से पहले पात्र अपात्रों की सूची तलब
ब्लाक स्तर की बैठक में गूंजा बीपीएल का मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी।
नियमों को ताक पर रखकर बीपीएल की पात्रता हासिल करने वाले अमीरों पर प्रशासन शिकंजा कसने वाला है। 13 से पहले पंचायत प्रतिनिधियों से पात्र-अपात्र बीपीएल परिवारों की सूची प्रशासन ने बीडीओ के माध्यम से तलब की है। इसका खुलासा शुक्रवार को बीडीओ कार्यालय में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक में हुआ है। ब्लॉक स्तर के पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों और सचिवों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड विकास अधिकारी शैफाली शर्मा ने ऐसे बीपीएल परिवारों को बाहर करने की चेतावनी है, जिनके पास पक्का मकान, वाहन, 1 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि है। ऐसी शिकायतों को सख्ती से निपटने का पंचायत प्रतिनिधियों ने आह्वान किया है। वहीं 13 फरवरी से पहले पात्र बीपीएल परिवारों को जोड़ने और अपात्र परिवारों को सूची से हटाने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसा न करने वाले पंचायत प्रधानों की लापरवाही का खामियाजा बीपीएल सूची में शामिल होने का बाट जोह रहे लोगों को भुगतना होगा।
बैठक में मंडी सदर की 62 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बीडीओ ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पात्र बीपीएल परिवारों को जोड़ना और अपात्र परिवारों को सूची से हटाना है। इसके लिए 13 फरवरी तक पात्र व्यक्ति पंचायत प्रतिनिधि के पास एप्लीकेशन जमा करवाएं। इस दौरान यदि किसी व्यक्ति के पास पक्का मकान, 1 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन, 2500 से अधिक सरकारी कार्यालयों में वेतन और वाहन होगा तो उसे इस सूची से हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त यदि कोई परिवार बीपीएल परिवार में जुड़ने योग्य है तो वह पंचायत प्रतिनिधि के पास दस्तावेज सहित आवेदन जमा करवाए।
प्रतिदिन शिकायतों की होगी मॉनिटरिंग
बैठक में प्रतिदिन शिकायतों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी जारी हुए। कहा कि प्रतिदिन सभी पंचायतों में यह रिकार्ड रखा जाए कि आपकी पंचायत में कितनी शिकायतें आई है। जिसमें यदि कोई व्यक्ति किसी परिवार पर शिकायत करता है कि यह परिवार बीपीएल सूची में नहीं होना चाहिए तो इसकी सूचना पंचायत के माध्यम से बीडीओ कार्यालय में देनी होगी। जिसके चलते उस परिवार को इस सूची से हटाया जाए।
जहां अधिक शिकायतें वहां तैनात होगी पुलिस
जिस पंचायत में सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं, वहां पुलिस तैनात कर उन समस्याओं का निपटारा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हर पंचायत के बाहर बीपीएल परिवारों की लिस्ट लगी होनी चाहिए। पंचायतों में हर वर्ष लाखों के काम होते है, परंतु निर्देश के बाद भी आज तक किसी भी पंचायत से ऐसी सफल स्टोरी का ब्योरा नहीं दिया गया है जिससे किसी गरीब को घर, रास्ता या अन्य लाभ हुआ हो। इस बारे भी पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए जाएंगे, ताकि विकास का ब्योरा प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष रखा जा सके।
इन्होंने की शिरकत
विकास खंड अधिकारी मंडी शैफाली शर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर भीम सिंह, जेई सूरज सिंह और पंचायत प्रधानों में कटौला पंचायत प्रधान नूप राम, कोट पंचायत प्रधान काहन सिंह ठाकुर, भरगांव पंचायत प्रधान लाल सिंह, स्थूल पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह, खलाणु पंचायत प्रधान गोपाल, लागधारा पंचायत प्रधान अमर चंद, टिहरी पंचायत प्रधान हेम चंद, कटींढ़ी पंचायत प्रधान मनोहर ठाकुर, चैहटीगढ़ पंचायत उपप्रधान हरीश ठाकुर, औट पंचायत प्रधान कुसुमा देवी, बग्गी तुंगल पंचायत प्रधान पूजा देवी, घ्राण पंचायत प्रधान मांचला देवी, स्योग पंचायत प्रधान महेंद्र पाल, झिंडी पंचायत प्रधान कपिल देव, जागर पंचायत प्रधान रमेश कुमार, टकोली पंचायत प्रधान शारदा देवी, सदयाणा पंचायत प्रधान, नीलम, कोटधार पंचायत प्रधान चैने राम और अन्य पंचायतों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।