अमर उजाला ब्यूरो/ बालीचौकी/ जंजैहली (मंडी)। जिले में नए साल का स्वागत बर्फबारी के साथ हुआ है। ऊंची पहाड़ियों पर सोमवार रात और मंगलवार को ताजा बर्फबारी हुई है। इस बर्फबारी से इन इलाकों के किसानों और बागबानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। पर्यटन स्थल पराशर झील और शिकारी देवी में भी बर्फबारी हुई है। जिन चोटियों ने सफेद चादर ओढ़ी है इनमें सोमगाड़, गाड़ागुशैणी, शैटाधार, तुंगासीधार, चुगबाला और शिकारी देवी शामिल हैं। इन चोटियों पर करीब 6 से 8 फीट तक बर्फबारी हुई है। वहीं, इन ऊंचे पहाड़ों पर बने कुछ मंदिरों की छतें और आंगनद्वार पूरी तरह से सफेद चांदी में परिवर्तित हो गए हैं। उधर, बर्फबारी के कारण च्यूणी के लिए जाने वाली बसें लंबाथाच तक नहीं पहुंच पाईं। इससे इस तरफ जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं हिमपात के कारण प्राकृतिक स्त्रोत भी जमने लगे हैं। इसके चलते लोगों को पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि मंगलवार को दोपहर के बाद मौसम सुहावना हो गया और धूप से पहाड़ों पर गिरी बर्फ चांदी की तरह चमक उठी।
निचले क्षेत्रों में बढ़ा ठंड का प्रकोप
उधर, निचले क्षेत्रों में भी कुछ हिमपात हुआ लेकिन यह बर्फ अधिक देर तक नहीं टिक पाई है। बर्फबारी से क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। लोग सुबह और रात को भारी सर्दी का सामना कर रहे हैं। ऊंची चोटियों की तरफ से ठंडी-ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण धूप में भी सर्दी लग रही है। ठंड के कारण लोगों के दिनचर्या के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।