मंडी। अब किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाली खाद में गोलमाल नहीं हो सकेगा। समय पर बिना किसी झंझट के खाद कृषि विभाग के डिपुओं में उपलब्ध होगी। यदि कोई डिपो होल्डर खाद देने में आनाकानी करता है या स्टाक न होने का बहाना बनाता है तो अफसर तुरंत ऑनलाइन स्टाक चेक करके डिपो का लाइसेंस रद्द कर सकता है। जिला मंडी में कृषि विभाग के डिपुओं को आधार कार्ड से लिंक कर दिया है। पहले चरण में 212 डिपुओं में पीओएस मशीनें लगा दी गई हैं। जबकि शेष 132 डिपुओं में मशीनों की व्यवस्था एक माह के भीतर होगी। आचार संहिता के कारण यह काम लटका पड़ा था, लेकिन अब 212 डिपुओं को ऑनलाइन किया जा चुका है। यहां कुल आबादी के सत्तर फीसदी किसान परिवार हैं, जो जिला भर के 344 डिपुओं में सब्सिडी की खाद खरीदते हैं।
इस तरह से होगी व्यवस्था
खाद खरीदने वाले किसान को पहले संबंधित डिपो होल्डर को अपना आधार कार्ड बताना होगा। पीओएस मशीन में नंबर डालने के बाद मशीन में उसका अंगूठा लगेगा। जिसमें आधार कार्ड में संबंधित किसान की पूरी जानकारी आ सकेगी। यह भी देखा जा सकेगा कि किसान अब तक अपने हिस्से की कितनी खाद ले चुका है और कहां से ले चुका है। वहीं संबंधित डिपो होल्डर के पास बचा स्टाक भी शामिल होगा।
एक माह में पूरे डिपो होंगे लैस
जिला कृषि विभाग अधिकारी विजय शर्मा ने बताया कि आचार संहिता के चलते डिपो धारकों को मशीनें उपलब्ध नहीं करवाई गई थीं लेकिन, अब करवाई जा रही हैं। मंडी जिला के 212 खाद डिपुओं में पीओएस मशीन से बिक्री शुरू हो चुकी है। 132 डिपो एक माह में लैस होंगे। पहले बड़े बागवान किसान के हिस्से की खाद भी ले जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
एक किसान को तीन बैग
प्रत्येक डिपो में एक किसान को तीन खाद के बैग सब्सिडी के मिलते हैं। तरह तरह के फर्टिलाइजर पर 100 से लेकर 250 तक की सब्सिडी मुहैया करवाई जाती है। मंडी जिला में किसान परिवारों की अधिकता है। समय पर किसान खाद न मिलने के कारण परेशान होते हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
कहां कितने डिपो लिंक और कितने शेष
बल्ह 59 में से 39 डिपुओं को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है। सदर में 33 में से 15, गोपालपुर में 46 में से 27, गोहर में 51 में से 38, सुंदरनगर में 34 में से 26, करसोग में 39 में से 19, द्रंग में 22 में से 12, चौंतड़ा में 11 में से 6 सिराज में 27 में से 18 और धर्मपुर में 22 में से दस को यह मशीनें दे दी गई हैं।