जंजैहली (मंडी)। सराजघाटी अब बर्फ की कैद में होने वाली है। इसके चलते सराजघाटी के लोग कुछ माह के लिए राशन का पूरा बंदोबस्त कर लेते हैं लेकिन, इस बार लंबाथाच पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लगभग 267 राशन कार्डधारकों को पिछले 3 माह से सरकारी डिपुओं से राशन नहीं मिल पाया है। साथ ही इन परिवारों को 5 माह से चीनी नहीं मिली है। ऐसे में इन परिवारों को बर्फबारी में खाने-पीने के लाले पड़ सकते हैं। लंबाथाच पंचायत के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में केउली, बगलियारा, लेह, नकटैरा कषीधरी, कचैहल, बूगंाधोघर, बुनालीधार, बूलौण, चैलधार के लोग शामिल हैं, जिन्हें राशन नहीं मिला है। केउली के राशन कार्डधारक टेक सिंह, तेज सिंह, राम सिंह, भीखम राम, मनीराम, रेवत राम, ओम चंद, चतर सिंह, केशव राम, निरमू देवी, देवकी देवी, मस्त राम, अमर सिंह, कमला देवी, पवना देवी आदि ने बताया कि हमें पिछले 5 माह से चीनी और तीन माह से राशन नहीं मिल पाया है। अब यहां पर बर्फबारी शुरू हो गई है। इसमें अब लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लगता है इस बार लोगों को भूखे मरने की नौबत आने वाली है। लोगों का कहना कि प्रशासन और सरकार को सब पता है कि बर्फबारी में यहां के लोगों को कितनी परेशानी होती है, इसके बावजूद यहां पर कोई प्रबंध नहीं किया गया। यहां तक राशन 3 माह से नहीं मिला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र तीन माह का राशन नहीं दिया गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। पंचायत प्रधान चमन लाल ने कहा कि मेरे पास चंद लोग राशन की समस्या लेकर आए थे, जिसके बाद मैंने सोसायटी के सचिव को पूछा तो सचिव ने कहा कि डिपोधारक ने नौकरी छोड़ दी है। इसी के चलते राशन का वितरण नहीं हो पाया है। उन्होंने शीघ्र ही राशन देने की बात कही है। वहीं, केउली के डिपो धारक महेंद्र ठाकुर का कहना है कि चीनी का कोटा 5 माह से दफ्तर से नहीं मिला है। मैं किन्हीं कारणों से 3 माह का राशन नहीं दे पाया, इसलिए मैंने त्याग पत्र दे दिया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग निरीक्षक जंजैहली विकास ने कहा कि किन्हीं कारणों से चीनी और राशन लोगों को नहीं मिला है। इसकी जांच की जाएगी कि क्यों राशन नहीं दिया गया। अगर डिपो धारक दोषी पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक मिलाप शांडिल ने कहा कि मेरे ध्यान में यह मामला नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी छानबीन की जाएगी और डिपो धारक की गलती पाए जाने पर उस पर कार्रवाई की जाएगी।