मंडी। जेबीटी भर्ती में अलग नियम लागू करने से बेरोजगार शिक्षक आहत हैं। इनका कहना है कि टेट तो शिक्षक बनने की केवल मात्र पात्रता है, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा टेट को ही भर्ती के लिए वरीयता दी जा रही है, जोकि सरासर गलत है। प्रदेश सरकार को चेताते हुए कहा है कि बैचवाइज भर्ती को लेकर जल्द नियमों में संशोधन न किया गया तो कांग्रेस को इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनावों में भुगतना होगा।
बैचवाइज भर्ती की मांग कर रहे जेबीटी अभ्यर्थी राकेश कश्यप, इंद्रजीत सिंह, विनय कुमार, चमन, राकेश कटनोरिया, पीसी सकलानी, कृष्णा, पल्लवी, पार्वती, मीना, देवेंद्र कुमार, मनोज कुमार, कांता देवी और लाल चंद ने कहा है कि टीजीटी सहित सीएंडवी और अन्य विभागों की भर्तियां 50 प्रतिशत बैच आधार पर हो रही हैं लेकिन, जेबीटी में टेट को ही वरीयता दी जा रही है। शिक्षा विभाग की इस अनदेखी से प्रदेश के हजारों जेबीटी अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। उन्होंने कहा कि जेबीटी का प्रशिक्षण इस उम्मीद के साथ किया था कि प्रशिक्षण पूरा करते ही तैनाती मिल जाएगी लेकिन, प्रदेश सरकार द्वारा जेबीटी आरएंडपी बदले जाने से वे बेरोजगारी का दंश झेलने को विवश हैं।