जोगिंद्रनगर (मंडी)। विद्युत मंडल जोगिंद्रनगर में एक साथ 179 विद्युत ट्रांसफार्मर हांफने से 10 हजार की आबादी की परेशानी बढ़ गई। 15 से 20 घंटे तक ब्लैक आउट होने से 20 से अधिक गांवों में अंधेरा छाया रहा। अस्पतालों में मरीजों की भी इससे दिक्कतें बढ़ीं।
चलारग, द्राहल और मकरीडी में वीरवार रात करीब सात बजे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। शुक्रवार दोपहर 12 बजे के बाद आपूर्ति बहाल हुई। हाई वोल्टेज तारों में शाट सर्किट से 27 ट्रांसफार्मर ठप रहे। ग्रामीणों सावित्री देवी, राजेश ने बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
सब स्टेशन पधर और बरोट समेत डिविजन में 150 से अधिक बिजली के ट्रांसफार्मर हांफ जाने से ग्रामीणों को सर्द रातें ठिठुरते हुए बितानी पड़ीं। सात सब डिविजन में लगभग 62 हजार की आबादी के लिए 830 ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। वीरवार को बारिश ओर बर्फबारी से अचानक तापमान में गिरावट आते ही जब ठंड बढ़ी तो इससे बिजली की खपत बढ़ गई। ट्रांसफार्मर में भार बढ़ने के कारण ये हांफ गए। विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता पूरन चंद ने बताया कि सब स्टेशन मकरीडी, पधर और बरोट में एक साथ 179 ट्रांसफार्मर हांफ जाने से समस्या पेश आई। शुक्रवार दोपहर तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई।
.....
रातभर अंधेरे में डूबी रही बल्ह घाटी
नेरचौक (मंडी)। हल्की बारिश में ही नेरचौक में विद्युत बोर्ड के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। विद्युत आपूर्ति बाधित होने से समूची बल्ह घाटी अंधेरे में डूब गई। भंगरोटू, नागचला, बगला में आपूर्ति बाधित रही। नेरचौक, भंगरोटू मझयाटल, राजगढ़, रीगड़ व आसपास के क्षेत्र में दिनभर विद्युत आपूर्ति बाधित रही। नेरचौक डिविजन में पांच सब स्टेशन हैं। नेरचौक, रत्ती एक, रत्ती दो, बगला और गागल शामिल हैं। नेरचौक सब स्टेशन में छह लोग कार्यरत हैं जबकि वहां 23 कर्मचारियों की दरकार है। यही हाल रत्ती एक व दो सबस्टेशन का है वहां पर भी 6 कर्मचारी है लेकिन दरकार 25 कर्मचारियों की है। बगला में छह, गागल में भी पांच कर्मचारी है। सहायक अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि बड़सू सब स्टेशन 33 केवी ब्रेकर जल गया है। बगला 11केवी फीडर में फाल्ट आया है। पेड़ गिरने से लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। कर्मचारी विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुटे हैं। संवाद