सुंदरनगर (मंडी)। स्कूल स्तर पर खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशकर नेशनल तक पहुंचाने के प्रेरणा स्रोत डीपीई रमेश चंद वालिया को शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (कन्या) सुंदरनगर में तैनात डीपीई को पुरस्कार के लिए चयनित होने पर क्षेत्र और स्कूल में खुशी की लहर है। उन्हें शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सम्मानित करेंगे। रमेश चंद वालिया ने 24 अक्तूबर 1998 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला करसोग में बतौर शारीरिक शिक्षक के रूप में सेवाएं देना शुरू की थीं। इसके बाद 2001 में निहरी, सुनाह, लंबाथाच व अन्य कई पाठशालाओं में सेवाएं देते हुए ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की रुचि खेलों की तरफ जागृत की। 1963 को मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के गांव स्यांह में पिता स्व. रामकृष्ण वालिया व माता स्व. लज्या देवी के घर पैदा हुए रमेश चंद वालिया पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं।
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18 खिलाड़ियों को नेशनल तक पहुंचाया
रमेश चंद वालिया ने 18 खिलाड़ी छात्राओं को तराशकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। इसमें वॉलीबाल, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हैंडबॉल, क्रिकेट, कबड्डी तथा हॉकी खेल शामिल है। वह मास्टर्स एथलेटिक्स की राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहते हैं। वर्ष 2017 में 20वीं एशिया मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता जो चीन के रुगाओ शहर में हुई थी, में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था।
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यह मिले हैं अवार्ड
उन्हें समता साहित्य अकादमी गोवा में 2017 में नेशनल क्रीड़ा रतन अवार्ड और विदर्भ कला साहित्य परिषद पुणे में हिमाचल रतन अवार्ड से नवाजा जा चुका है। उन्होंने सिंगापुर में मास्टर ओपन ट्रैक एंड फील्ड चैंपियनशिप की जेवेलिन थ्रो स्पर्धा में गोल्ड मेडल और ऊंची कूद में चौथा स्थान प्राप्त किया था। 2012 से 2017 तक राष्ट्रीय मास्टर एथलेटिक्स में छह बार भाग लिया। दो बार स्वर्गीय युवरानी महेंद्रा कुमारी पूर्व सांसद अलवर की याद में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर तीन गोल्ड मेडल, दो सिल्वर और एक कांस्य पदक जीता।