सुंदरनगर (मंडी)। बरसात का सीजन शुरू होने से पहले सुंदरनगर और नाचन क्षेत्र की खड्डों पर खनन माफिया ने कब्जा कर रखा है। यहां अवैध खनन जोरों पर है। सुकेती खड्ड, कंसा खड्ड तथा इसके साथ लगती सहायक खड्डों में माफिया इन दिनों धरती का सीना खुलेआम छलनी कर रहा है। सुकेती खड्ड, काटली, रड़ा, डडोह और डिनक क्षेत्र माफिया के निशाने पर हैं। खेत-खलिहानों में भी इस गोरखधंधे में जुड़े लोग कहर बरपा रहे हैं। लेकिन, इन पर अंकुश लगाने में पुलिस व प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। जिस कारण खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। बरसात के पूरी तरह से सक्रिय होने से पहले भवन निर्माण के अलावा अन्य प्रोजेक्टों में रेत-बजरी की डिमांड में एकाएक इजाफा हो जाता है। लिहाजा अवैध खनन की गतिविधियां भी तेज हो जाती हैं। यहां से रोजाना दर्जनों वाहनों में रेत बजरी की खेप आसपास के इलाकों में सप्लाई हो रही है। मई माह के अंत तक जो ट्रैक्टर ट्रॉली 1800 रुपये में मिल रही थी अब उसका दाम बढ़कर 2500 रुपये हो गया है। बरसात के तीन महीनों जुलाई, अगस्त और सितंबर में नदी-नालों में पानी की आवक बढ़ जाती है। जिस कारण वैध खनन का कारोबार बंद हो जाता है। लेकिन भवन निर्माण के लिए यह तीनों माह बेहतर माने जाते हैं। इसलिए इन तीनों माह में अन्य समय के मुकाबले रेत-बजरी की अधिक मांग रहती है। यह बात माफिया को भी मालूम रहती है। इसलिए वह पहले ही विभिन्न स्थानों पर खनन कर स्टॉक एकत्रित कर लेता है। बरसात में माल की कमी का बहाना बना कर फिर मनमर्जी के दाम पर ट्राली बेचता है।
यहां खुलेआम लगाई जा रही जेसीबी
सुकेती खड्ड के किनारे नाचन के काटली से लेकर बल्ह तक के दायरे में खनन माफिया जीसीबी तथा अन्य तरीकों से धरती का सीना छलनी कर रहा है। नाचन क्षेत्र के काटली, हटगढ़, रड़ा, चुनाहन, छलकी, डडोह, डिनक और डुगराईं क्षेत्र में खड्डों के साथ उपजाऊ जमीन खनन की भेंट चढ़ रही है। इस धंधे में जुड़े लोग किसानों को अपनी बातों में फंसा कर उन्हें धन का लालच दे खेत किराए पर लेकर वहां खनन कर चांदी कूटने में लगे हुए हैं।
कुछ को ही जारी हुए परिमट
खनन महकमे ने यहां पर कुछ एक लोगों को खनन के परमिट जारी किए हैं लेकिन, ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो बिना खनन महकमे की मंजूरी से धरती का सीना छलनी करने में लगे हुए हैं। प्रशासन और खनन महकमा अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए दावे तो बहुत करता है परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।
वैध रेत-बजरी के होने चाहिए डिपो
सुंदरनगर में भवन निर्माण में लगे ज्ञान चंद, दीपक कुमार, नंद लाल ठाकुर, अमर सिंह और बिशन दास का कहना है कि जिस तरह कोयले, लकड़ी और राशन के डिपो होते हैं, उसी तर्ज पर वैध रेत-बजरी के भी उपमंडल स्तर पर डिपो होने चाहिए। जहां मांग के अनुसार भवन निर्माण करने वाला जाकर वैध रूप से टैक्स अदा कर रेत-बजरी खरीद सके। जब सरकार ने ऐसी कोई व्यवस्था ही नहीं की है तो मजबूरन लोगों को अपने भवन निर्माण के लिए अवैध खनन माफिया के माध्यम से खरीद करनी पड़ती है। जिसके चलते सरकार व भवन मालिक दोनों को ही आर्थिक नुकसान सहना पड़ता है।
नहीं बर्दाश्त होगा अवैध खनन
एसडीएम राहुल चौहान ने कहा कि अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी गोरखधंधे में जुड़े हुए हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जहां पर भी अवैध खनन जारी है उसकी सूचना स्थानीय लोग पुलिस या प्रशासन को देकर अपना सामाजिक दायित्व निभाएं।