करसोग (मंडी)। रामानंद निर्मला देवी सूद चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में मंडी जिले के करसोग में आयोजित अंतर विद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन रविवार को किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की। उन्होंने कहा कि युवाओं के चरित्र निर्माण से देश का निर्माण संभव है, क्योंकि युवा ही देश की दिशा और दशा बदल सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और देश को इन युवाओं से काफी अपेक्षाएं हैं। उन्होंने युवा शक्ति के चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक और उच्च शिक्षा के साथ-साथ भावी पीढ़ी में संस्कार, नैतिक मूल्य और राष्ट्र प्रेम की भावना होनी चाहिए। इसके लिए भावी पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी जानी चाहिए तथा उन्हें महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें पढ़नी चाहिए। कोई भी कौम और समाज तभी जीवित रहता है जब वह अपने महापुरुषों के इतिहास और उनके बलिदान को याद रखता है।
आचार्य देवव्रत ने युवाओं से आग्रह किया कि वह माता-पिता और गुरुजनों के प्रति आदर का भाव रखें और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर पर्यावरण संरक्षण में अपना बहुमूल्य योगदान दें। भारत की संस्कृति अध्यात्मवाद की रही है। इस देश ने दुनिया को प्रेम, शांति, सौहार्द, सहिष्णुता, उच्च परंपराएं, चरित्र निर्माण, संस्कृति और समरसता का पाठ पढ़ाया है। इस मौके पर राज्यपाल ने विभिन्नि प्रतियोगिताओं के विजेताओं और उपविजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। इससे पूर्व, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल ने राज्यपाल का स्वागत किया। बताया कि इस प्रतियोगिता मेें 23 स्कूलों के लगभग 1300 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यालय में वाद-विवाद, समूहगान, कविता पाठ इत्यादि विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया था। उन्होंने ट्रस्ट के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी भी दी। न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल, न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया, पूर्व न्यायाधीश टीएस राणा, पूर्व न्यायाधीश कुलदीप सिंह तथा क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।