अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में पोस्टमार्टम की एवज में 900 रुपये वसूलने के मामले में संलिप्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। आउटसोर्स कर्मी को नौकरी से निकालने के साथ ही संबंधित ठेकेदार से भी जवाब मांगा गया है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने विभागीय जांच भी बिठा दी है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को फौरी राहत देने के लिए संपर्क किया है। लेकिन, परिजन अभी तक राहत लेने के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। बुधवार को सुंदरनगर निवासी राजकुमार ने जिला प्रशासन के समक्ष पोस्टमार्टम की एवज में 900 वसूलने की लिखित शिकायत दी थी। इस पर प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा था। अस्पताल प्रबंधन ने मामले में संलिप्त आउटसोर्स कर्मी को तो नौकरी से निकाल दिया लेकिन, जिला प्रशासन को इसकी सूचना तक नहीं दी। उल्टा मामले में उत्तरदेय डॉक्टर साहब ने तो अधिकारियों के फोन तक नहीं उठाए है। आखिर शाम तक मशक्कत करने के बाद एसडीएम सदर मदन कुमार ने आउटसोर्स कर्मी को नौकरी से निकाले जाने की पुष्टि की। वहीं, शिकायतकर्ता राकेश कुमार का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें बयान देने के लिए अस्पताल में बुलाया है।
अजब जिला प्रशासन, फोन नहीं उठाते डॉक्टर
मंडी। सीएम के गृह जिले में प्रशासन अजब है। दो एमएस वाले जोनल अस्पताल मंडी में साहब के पास फोन सुनने का समय तक नहीं है। आला अधिकारी भी अस्पताल के साहब के आगे नतमस्तक हैं। दबी जुबान में अधिकारी भी कह रहे हैं कि फोन तो हम भी काफी करते हैं लेकिन, क्या करें डॉक्टर साहब फोन ही नहीं उठाते हैं। गत दिनों अस्पताल में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पोस्टमार्टम की एवज में 900 रुपये ऐंठ लिए और मृतक के परिजनों को कफन भी बाजार से खरीदना पड़ा। जब खबरें छपीं तो अस्पताल प्रबंधन ने कार्रवाई का ढिंढोरा पीटा। सूत्रों के मुताबिक जिस चतुर्थ श्रेणी सफाई कर्मचारी ने पोस्टमार्टम के लिए पैसे ऐंठे थे उसे अस्पताल प्रबंधन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। लेकिन, अपनी खामियों को छुपाने के लिए अस्पताल प्रबंधन मीडिया में बयान तक देने के लिए तैयार नहीं है। सफाई कर्मी को नौकरी से निकालने की अफवाह दिनभर चर्चा में रही। लेकिन, अस्पताल प्रबंधन मीडिया से छुपता रहा। आखिर जब प्रशासनिक अधिकारियों के पास बात पहुंची तो अधिकारियों ने सफाई कर्मचारी को नौकरी से निकालने की पुष्टि की।
अपनी अपनी डफली अपना अपना राग
मंडी। डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि वह मंडी में नहीं हैं। किसी कार्य के चलते बाहर हैं। इस बारे में बयान नहीं दे सकते हैं। एडीएम मंडी राजीव कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। अस्पताल प्रबंधन से इसकी जानकारी ली जाएगी। एडीसी मंडी राघव शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में जवाब मांगा है लेकिन, अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि क्या कार्रवाई अमल में लाई गई है। मामले की जांच की जा रही है। एसडीएम सदर मदन कुमार ने कहा कि आउटसोर्स कर्मी को अस्पताल प्रबंधन ने नौकरी से निकाल दिया है। संबंधित ठेकेदार से भी जवाब मांगा गया है। मामले की विभागीय जांच की जा रही है। यदि इस तरह से कोई पोस्टमार्टम के पैसे वसूलता है तो इसकी शिकायत जिला प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से करें।