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चीन सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद

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- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। सेरी मंच पर तिब्बती समुदाय ने तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस की शनिवार को 59वीं वर्षगांठ मनाई। इस दौरान काफी संख्या में इस समुदाय के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पार्षद विशाल ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि चीन सरकार की ओर से लगातार दमन किए जाने के बावजूद भी तिब्बत में रह रहे तिब्बती पूरी निष्ठा एवं दृढ़ संकल्प के साथ चीन सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करते आ रहे हैं। पिछले पांच दशकों में यहां पर कई विरोध प्रदर्शन देखे गए हैं। इस साल वर्ष 2008 की विशेष जनक्रांति की भी 10वीं सालगिरह है, जब तिब्बतियों ने चीन की ओर से तिब्बत के अवैध आधिपत्य का खुलकर विरोध करते हुए तिब्बत की आजादी का आह्वान किया था। इससे पहले समुदाय के लोगों की ओर से भीमाकाली मंदिर से लेकर डीसी कार्यालय तक शांतिपूर्ण रैली भी निकाली। सेरी मंच पर इन्होंने राष्ट्रीय गान गाया और तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति के दौरान बलिदान देने वालों के लिए मौन भी रखा।
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अधिकांश देश तिब्बतियों के साथ : गुलाब सिंह
चौंतड़ा (मंडी)। तिब्बती समुदाय ने तिब्बती राष्ट्रीय जनक्रांति दिवस की 59वीं वर्षगांठ पर चौंतड़ा में एनसीसी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें पूर्व मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने कहा कि तिब्बत में चीन के कब्जे के बाद इस समुदाय के लोग भारत में शरण लेकर शांतिपूर्वक आजादी के लड़ाई लड़ रहे हैं और आज उनकी इस आजादी के जंग में विश्व के अधिकांश देश इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। इस अवसर पर तिब्बती सोसायटी बीड के अध्यक्ष रिंपोछे वागमो, देगे डिविजन के अध्यक्ष छेमी दोरजी, नानछेन डिविजन अध्यक्ष सोनम गांवडू ने कहा कि आज के दिन 10 मार्च को 59 वर्ष पूर्व चीन ने तिब्बत पर अपना कब्जा किया था और तिब्बतियों के विरोध और जनक्रांति को बलपूवर्क दबा दिया था। इसमें हजारों लोग शहीद हो गए थे। उसी भावना के साथ 59वें जनक्रांति दिवस पर आजादी की लड़ाई में शहीदों के समान में आज भी तिब्बती लोग उन्हें याद करते हैं और आजादी के लिए पूरी इच्छा शांति के साथ कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर देगे डिविजन के अध्यक्ष छेमी दोरजी ने मुख्यातिथि पूर्व मंत्री को तिब्बती आजादी के आंदोलन का स्मृति चिन्ह देकर समानित किया। तिब्बती समुदाय के लोगों ने विभिन्न तिब्बती स्कूलों के बच्चों सहित स्थानीय बाजार से पैदल और वाहनों से जोगिंद्रनगर तक मार्च रैली का भी आयोजन किया।
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