सीटू ने नेताओं पर लगाए मनमानी के आरोप, कहा- सिफारिशी मजदूरों को मिल रही वित्तीय सहायता
श्रम कल्याण बोर्ड के खिलाफ नवंबर में प्रदर्शन करेगी यूनियन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरकाघाट (मंडी)। वीबी-जी रामजी एवं निर्माण मजदूर यूनियन धर्मपुर इकाई की बैठक रविवार को सरकाघाट में हुई। बैठक में श्रम कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों पर मजदूरों से पहले जमा करवाए गए रोजगार प्रमाण पत्र, शिक्षण संस्थानों के मान्यता प्रमाण पत्र और मस्टररोल के सबूत दोबारा मांगने का आरोप लगाया गया।
सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकाघाट बोर्ड कार्यालय में करीब 16 हजार आवेदन छह साल से लंबित हैं, जबकि सिफारिशी लोगों के वर्ष 2025 के आवेदनों पर तुरंत वित्तीय सहायता जारी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मनमानी की शिकायत जुलाई में बोर्ड अध्यक्ष से की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यूनियन ने मामले में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
यूनियन ने निर्णय लिया कि लंबित सहायता राशि के मुद्दे पर नवंबर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले प्रभावित मजदूरों के बीच जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। वहीं, जिला श्रम कल्याण अधिकारी अनिल ठाकुर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूरे दस्तावेज वाले आवेदन आगे भेजे जा रहे हैं, जबकि अधूरे दस्तावेजों वाले आवेदन रोके गए हैं।